लेख -आज की नारी- प्रीति तिवारी

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स्वाभिमानी, सुशिक्षित, सक्षम ,सबल,स्वप्नदृष्टा आज की नारी…अपनी योग्यताओ को निखारते हुये अपने मूल गुणो को कभी धूमिल ना होने देने वाली आज की नारी
आँकडो को टटोले तो प्रत्येक क्षेत्र मे नारी ने न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई बल्कि नये मानक भी गढे है/जहां उच्च वर्ग व मध्यम वर्ग की नारी ने सफलताओ के चरम को छुआ वहीं निम्न वर्ग भी इससे अछूता न रहा..परिस्थितियों की विषमताओ को दरकिनार कर हर वर्ग की नारी ने प्रत्येक वर्ष अपनी उपस्थिति के स्तर को उठाकर आँकडो को प्रभावित किया …स्वयं मे विघमान सहनशीलता,संयम,प्रेम,त्याग,सामंजस्य जैसे मूल गुणो को संजोकर स्वाभिमान , शिक्षा, विकास,स्वप्नदृष्टा जैसे गुणो को आत्मसात किया..जहां त्याग और प्रेम उसके भावनात्मक पहलू है वहीं सामाजिक कुरीतियो के विरूद्ध कठिन निर्णयलेने की क्षमता उसे आज की नारी बनाती है
दौर कोई भी हो नारी कू अस्मिता उसके लिये सर्वोपरि रही है जौहर पद्दमिनी का और हादसा दामिनी की इसके उदाहरण है समाज मे फैली असुरक्षा,,बलात्कार,हिंसा,एसिड अटैक जैसे अमानवीय कृत्यो के आगे डटकर खडी आज की नारी इनका मुंहतोड जवाब है
पुरूषप्रधान इसी समाज ने अब स्वीकारा है कि..
सुसभ्य समाज का मजबूत आधार है
नारी हर क्षेत्र मे शीर्ष की हकदार है
प्रीतितिवारी
कानपुर

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