अब्दुल कलाम के विचार आज भी प्रासांगिक-  संदर्भ:-27 जुलाई (स्मृति दिवस)

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हम केवल तभी याद किये जायेंगे जब हम हमारी युवा पीढ़ी को एक समृद्ध और सुरक्षित भारत दें जो आर्थिक समृद्धि और सभ्यता की विरासत का परिणाम होगा। ये विचार थे  अबुल फखीर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम मसऊदी ए पी जे अब्दुल कलाम मिसाइल में जनता के राष्ट्रपति भारतीय गणतंत्र के ग्याहरवें निर्वाचित राष्ट्रपति थे। जाने माने वैज्ञानिक अभियन्ता थे। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था। ये रक्षा अनुसंधान एवम विकास संगठन में और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो में विज्ञान के व्यवस्थापक रहे। अंतरिक्ष कार्यक्रम व मिसाइल के विकास का कार्य किया ।1974 में परमाणु परीक्षण व 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण में निर्णायक संगठनात्मक तकनीकी व राजनीतिक भूमिका निभाई।
   2002 में भारत के राष्ट्रपति बने। 5 वर्ष की सेवा अवधि के बाद कलाम ने शिक्षा लेखन सार्वजनिक सेवा कार्य किये। इन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
  इनका जीवन आर्थिक संकट से गुजरा। प्रारम्भिक पढ़ाई करने के लिए इन्होंने हॉकर का काम भी किया।1950 में अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक किया। 1962 में इसरो में उपग्रहों का सफल परीक्षण किया। परियोजना निदेशक के रूप में काम किया।स्वदेशी उपग्रह एस एल वी 3 का निर्माण किया।जुलाई 1982 में रोहिणी उपग्रह प्रक्षेपित किया। 1962 में परियोजना महानिदेशक बने। इसरो लॉन्च व्हीकल  प्रोग्राम को इन्होंने आगे बढ़ाया था।अग्नि पृथ्वी मिसाइल इन्होंने बनाई स्वदेशी तकनीक से।
  कलाम ने भारत के विकास स्तर को 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिके करने के लिए कहा था। भारत सरकार में ये 1992 में वैज्ञानिक सलाहकार बने। 25 जुलाई 2002 को राष्ट्रपति बने।
   अनुशासन प्रिय युवाओं के प्रेरणा स्रोत थे कलाम।विद्यार्थी उन्हें बहुत पसन्द करते।वे शाकाहारी थे। इनकी जीवनी विंग्स ऑफ फायर सभी को पढ़नी चाहिए। यह कृति युवाओं को मार्गदर्शन करने के लिए लिखी गई। इनकी दूसरी कृति गाइडिंग सोल्स डायलॉग्स ऑफ द पर्पज ऑफ लाइफ है। ये आत्मिक विचारों को उदघाटित करती है।
  कलाम ने विजन 2020 को पूरा करने का सपना देखा था। उन्होंने कहा था कि हमें अपबे देश के गांवों की तरफ विशेष ध्यान देना होगा। क्योंकि जब तक विकास के मामले में गाँव व शहर एक समान नहीं हो जाएंगे तब तक देश का विकास नहीं हो पायेगा।
उन्होंने आई आई टी के छात्रों को अपने ज्ञान का उपयोग देश सेवा में लगाने की शपथ दिलाई थी।ग्रामीण व शहरी विकास के मध्य का अंतर जब घटेगा तभी देश का विकास होगा। कलाम ने कहा था कि देश की सबसे अधिक आबादी गांवों में बसती है इसलिए जरूरत है गांवों में विकास कार्यक्रम पर काम हों।
   कलाम साहब से जब ये पूछा गया कि परमाणु परीक्षण के नाम पर देश के करोड़ो रूपये खर्च क्यों किये गए ये रुपये गरीबों के विकास हेतु देते तो अच्छा होता इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कलाम साहब ने कहा था हमारे देश मे काफी समय तक विदेशी शक्तियों ने राज किया। और अब कोई भी विदेशी ताकत हमारे देश की तरफ टेढ़ी निगाह से न देखे इसलिए परमाणु परीक्षण किया गया है।क्योंकि हम अपने देश की सीमाओं को मजबूत बनाना चाहते हैं।
 एक लोकतंत्र में देश की  की समग्र समृद्धि शांति और खुशी के लिए हर एक नागरिक की कुशलता वैयक्तिकता ओर खुशी आवश्यक है। भविष्य में सफलता के लिए क्रियेटिविटी सबसे जरूरी है और प्राइमरी एजुकेशन वो समय है जब टीचर्स उस स्तर पर बच्चों में क्रिएटिविटी ला सकते हैं आज कलाम साहब के विचारों को पूरा करने में लगा है नवोदय क्रान्ति परिवार जो गतिविधि आधारित शिक्षण करवाता है।
   कलाम साहब ने पाँच विशेष बातों पर काम करने की बात विजन 2020 के लिए कही थी। कृषि और फ़ूड प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शिक्षा और स्वास्थ्य इन्फॉर्मेशन एन्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी ओर शिक्षा के क्षेत्र में ई गवर्नर्स को को बढ़ावा देना।न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी का विकास हो स्पेस टेक्नोलॉजी ओर डिफेन्स टेक्नोलॉजी मजबूत बनाना।
  इंडिया 2020 पुस्तक में उन्होबे भारत को नॉलेज सुपर पॉवर और विकसित देश के रूप में बदलने के लिए एक एक्शन प्लान विकसित करने पर बल दिया उन्होंने परमाणु हथियार कार्यक्रम को भविष्य में सुपर पावर बनने के लिए जरूरी बताया। ताउम्र उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच पैदा करने का काम किया। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद दो वर्षों में वे लगभग एक लाख छात्रों से मिले। उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया।
   भारत मे न्यूयूक्लियर बम के निर्माता कलाम भारत को अमेरिका जापान दक्षिणी कोरिया देशों में चल रही कार्य योजना बनाकर कार्य करते है उसी तरह हमारे देश मे भी काम हो यह चाहते थे।भारत को विकसित देश बनाने का सपना जो कलाम साहब ने देखा था। भारत महाशक्ति बने उसे हम सब भारतवासियों को पूरा करना है। आओ कलाम साहब के स्मृति दिवस पर हम देश के विकास में भागीदारी करने का संकल्प करें।
  कलाम के बताए सफलता के चार सूत्र सभी भारतीय याद रखें एक महान लक्ष्य हो,ज्ञान अर्जित किया जाए कड़ी मेहनत की जाय और दृढ़ रहा जाए तो कुछ भी हाँसिल किया जा सकता है।
  -राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित”
कवि,साहित्यकार

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