‘कोरोनाकाल में बच्चे हो गये हैं चिड़चिड़े’ ‘अभिभावक अपने बच्चों को अधिक समय दें’

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गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वेबिनार में कोरोनाकाल के दौरान ‘बच्चों का बदलता व्यवहार और अभिभावकों की भूमिका’ विषय पर चर्चा हुई। आमंत्रित अतिथि वक्ताओं ने कहा कि लाॅकडाउन के बाद से बच्चों के व्यवहार में जो परिवर्तन आया है, उसे अभिभावकों को समझना होगा। बच्चों पर गुस्सा करना सही नहीं होगा। बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने की जरूरत है।
स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ के शिक्षा विभाग के प्रभारी डाॅ. अनोज राज ने कहा कि लाॅकडाउन की वजह से बच्चों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है। उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ गया है। ऐसे में अभिभावक उनके साथ उदार हृदय से पेश आएं। सबसे पहले उनकी दिनचर्या में सुधार लाएं फिर उनके खान-पान में बदलाव। कारण, लाॅकडाउन में बच्चे समाज से दूर हैं। उन्हें जो कुछ भी सीखने को मिलेगा, वह अपने घर से ही मिलेगा। ऐसे में अभिभावकों की बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों के व्यवहार को समझें और बड़ी सूझ-बूझ के साथ उसमें परिवर्तन लाएं। उन्हें सकारात्मक बनाएं।
एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में सहायक प्रोफेसर डाॅ. पोलव गुप्ता ने कहा कि बच्चों को अभिभावक अधिक से अधिक समय दें ताकि वे सोशल मीडिया या मोबाइल-टीवी में ज्यादा व्यस्त न रहें। बच्चों के साथ खेलें। उनके साथ पढ़ें। उनके साथ खाना खाएं। उन्हें समय की कीमत के अलावा कोरोनाकाल में बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराएं। ताकि बच्चों को अकेलापन न महसूस हो। इस दौरान एक प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन भी किया गया। इसमें बच्चों ने आॅनलाइन अतिथि वक्ताओं से सवाल-जवाब किये। अंत में शिक्षा विभाग की प्रभारी डाॅ. गीता रानी ने अतिथि वक्ताओं का आभार प्रकट किया और बच्चों को बेविनार में हुई महत्वपूर्ण चर्चा पर अमल करने की बात कही। मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने बताया कि मेवाड़ में कोरोनाकाल के दौरान विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ कोरोनाकाल में बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया जा रहा है। अन्य शिक्षण संस्थानों के विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को पढ़ाई व जीवन की अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कर रहे हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मेवाड़ कृतसंकल्पित है। उनकी यह सकारात्मक मुहिम भविष्य में आॅनलाइन भी जारी रहेगी।

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