भगवान भोलेनाथ की स्तुति-कवि ‘चेतन’ नितिन खरे

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पञ्च-चामर छंद में भगवान भोलेनाथ की स्तुति –
नमामि हे सदा शिवम, नमामि त्वं अनीश्वरं,
नमामि भूत भूषणं, नमामि भीम रूपणं,FB_IMG_1487871109281
नमामि त्वं सदा शिवं, नमामि ते महेश्वरं,
नमामि इंदु शेखरं,नमामि शम्भु शंकरं,
नमामि नीललोहितं, नमामि शूल शोभितं,
नमामि भक्तवत्सलं, नमामि हे जटाधरं,
नमामि हे शिवापतिं, नमामि हे गिरीप्रियं,
नमामि त्वं दिगम्बरं, नमामि त्वं विश्वेश्वरं,
नमो नमो प्रजापतिं, जगद्गुरु नमो नमो,
नमो वृषांक वाहनं, गिरीश त्वं नमो नमो,
नमो भुजंगभूषणं, अनंत रूपणं नमो,
नमामि ईष्ट देवतं, सदा शिवं नमो नमो,
नमामि भस्मधूलितं, नमामि विष्णुवल्लभं,
नमामि कालकूटनं, नमामि अम्बिका पतिं,
नमामि शूक्ष्मरूपणं, नमामि भर्ग कारकं,
नमामि सोम शोभितं. नमामि हे शिताशितं,
नमामि त्वं महाशिवं, नमामि  हे भयंकरं,
मयंकसूर्यलोचनं, नमामि नीलकंठनं,
ज्वलंत दीप्त धारणं, ललाटनेत्रं नमो,
नमामि हे सदा शिवं, शिवं नमो शिवं नमो,
नमामि भक्तवत्सलं, नमामि विष्णुवल्लभं,
नमामि हे सदा शिवम, नमामि शम्भु शंकरं,
नमामि हे सदा शिवं, शिवं नमो शिवं नमो,
महाशिवरात्रि के पावन पर्व की आपको हार्दिक बधाई !received_1000772263376223
हर हर महादेव
हर हर महादेव
कवि ‘चेतन’ नितिन खरे
सिचौरा, महोबा

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