पांचवा पुस्ता खजूरी छठ घाट पर छठ व्रत धारियों के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन किया

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पूर्वी दिल्ली के पांचवा पुस्ता खजूरी छठ घाट पर एक अनोखी पहल करते हुए छठ व्रत धारियों के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। दिल्ली पब्लिक लाईब्रेरी संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित कवि सम्मेलन का संयोजन व संचालन कवि भुवनेश सिंघल ने किया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेकों गणमान्य व हजारों व्रतधारियों उपस्थित रहे और दूर-दराज से पधारे कवियों की पंक्तियों पर देर रात तक झूमते नजर आए। कवियों ने अपनी कविताओं में जहां धर्म व आस्था की बात कही तो वहीं वो राजनीति पर व्यंग्य करने से भी नहीं चूके। कवि भुवनेश सिंघल ने गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 2022 तक सभी को अपना घर देने के बयान का हवाला देते हुए कहा कि ‘दो हजार बाईस तक सबको ही देंगे घर बिन घन नहीं अब कोई भी रहेगा, ऊंच नीच धर्मवाद और जात पात वाला निज भारत देश ये माहौल न सहेगा, भावनाएं देश की उफान पर चल रहीं भावनाओं का ये ज्वार बूझकर रहेगा, घरों की इस कड़ी में बताओं हमें मोदी जी अयोध्या में राम जी का घर कब बनेगा’। वहीं उन्होंने गाय पर होने वाली राजनीति पर व्यंग्य करते हुए गाय को बचाने का उपाय कविता के माध्यय से बताया, उन्होनें कहा कि ‘गाय पे तो राजनीति होने लगी रोज रोज मोदी जी तुम आज खुद संज्ञान लीजिए, गाय पे जो बोलता हो कम उसे तोलता हो खोले ना जुबान अब उसे मना कीजिए, गाय की दशा को देख काम करो भला एक मोदी जी तुम दिल से जरा सा पसीजिए, गाय भी बचेगी फिर शीष पे सजेगी फिर बस गाय का जी तुम वोट बना दीजिए’। वहीं अलीगढ़ से पधाने कवि विजय प्रकाश भारद्वाज ने सुनाया कि ‘प्रश्न चिन्ह बोलने लगे इतिहासों वाले वर्तमान के सभी विराम बोलने गले, सूत्रपात एक युग का हुआ कि धन्य धन्य मानस के शब्द अभिराम बोलने लगे, एक एक वर्ण हो गया था महाकाव्य संत तुलसी के मुख से जो राम बोलने लगे, राम तेरे नाम के गुलाम क्या हुए कि सिया राम सिया राम चारों धाम बोलने लगे’। वहीं काव्य मंच की अध्यक्षता कर रहे पं. सुरेश नीरव ने सुनाया कि ‘क्षमा दान भी कर सकते थे यदि सागर तुम पोखर होते, विष पी जाते चुपचाप लेकिन नहीं लगाते गोते, पर ताकतवर से लड़ जाना अपनी आदत अपना मन है, लहरों जागो देखों धाराओं हंसों जोर से पतवारों, अब मेरी क्षमताओं का संघर्षों द्वारा अभिनन्दन होगा, सागर ने ललकारा है मुझको अब सागर मंथन होगा’। वहीं इस अवसर पर अन्य कवियों प्रवीण आर्य, वेद प्रकाश मणी, रसिक गुप्ता, देव नागर, सतीश वर्धन आदि ने भी लोगों से देर रात तक रह रहकर तालियां बजवायीं। इस मौके पर अतिथि के रूप में विधायक श्रीदत्त शर्मा, पूर्व सांसद लाल बिहारी तिवारी, निगम पार्षदा दुर्गेश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय महावर, पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, पूर्व पार्षद रेखा रानी, पार्षद मनोज त्यागी, विधायक प्रत्याशी दुर्गेश पाठक, पार्षद प्रमोद गुप्ता, डाॅ. यू. के. चैधरी, सुरेश अग्रवाल, अमर झा, गोपाल झा व समाजसेवी नवीन तायल आदि उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि यह दूसरा अवसर है जब छठ के इस मंच पर कवि सम्मेलन किया जा रहा है और पूर्वांचलियों द्वारा इतना पसंद किया जा रहा है इसके लिए गैर पूर्वांचली होकर भी भुवनेश ंिसंघल का पूर्वाचंल के छठ महापर्व और छठ माई के प्रति समर्पण अत्यंत सराहनीय है।

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