SC ने किया सचेत- कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक, निपटने के लिए तैयार रहे

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Corona Lockdown

भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देश की तैयारियों की धज्जियां उड़ा कर रख दी। इसे लेकर बड़ा विवाद भी है कि भारत दूसरी लहर का आकलन करने में क्यों चूक गया। इस अवसर पर सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने तीसरी लहर के बाबत भी अभी से सचेत कर दिया है। राघवन ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है। लेकिन यह कब और किस रूप में आएगी, यह किसी को पता नहीं है।
मौजूदा समय में वायरस के व्यवहार को देखते हुए राघवन ने तीसरी लहर के मौजूदा लहर से भी ज्यादा घातक होने की आशंका जताई। राघवन के अनुसार दूसरी लहर के आने की आशंका तो थी, लेकिन यह तय माना जा रहा था कि यह पहली लहर की तुलना में कमजोर होगी। लेकिन संक्रमण के सभी पैरामीटर में थोड़े-थोड़े बदलाव ने इसे ज्यादा घातक बना दिया।
वहीँ विशेषज्ञों की ओर से देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर जताई जा रही आशंका को देखते हुए 6 मई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश को कोरोना महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। यह लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है, इसीलिए इस वर्ग के भी वैक्सीनेशन की जरूरत है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से योजना बनानी होगी, व्यवस्था करनी होगी, क्योंकि अगर बच्चा कोरोना अस्पताल जाएगा तो साथ में माता-पिता भी जाएंगे।

 

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