उपवास, पकवानऔर डायबिटीज का नियंत्रण

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डॉ. एके झींगन,कंसल्टैंटडायबिटोलॉजिस्ट

डायबिटीज एजुकेशन रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली

चाहेनवरात्रि हों, दशहरा या दीवाली या फिर रमजान के बाद ईद, उपवास या पकवान का संबंध भारत के हर त्योहार सेहै। त्योहारों पर उपवास भी रखे जाते हैं और दोस्तों या फिर रिश्तेदारों के घर जाकरपकवान खाने की भी प्रथा है। पूरा बाजार मिठाईयों और अन्य पकवानों से भरा रहता है, जो फैट, शुगरएवं नमक से भरपूर होते हैं। इस दौरान न केवल टाईप 2डायबिटीज़तथा जीवनशैली की अन्य बीमारियां बढ़ जाती हैं, बल्किडायबिटीज़ पीड़ित लोगों में शुगर का नियंत्रण भी बिगड़ जाता है।

विशेषअवसरों पर हर कोई थोड़ा ज्यादा खा लेता है। डायबिटीज पीड़ित लोग भी खुशी में शामिलहो सकते हैं, लेकिन डायबिटीज के नियंत्रण और खुशी के लिए संयमआवश्यक है। इन त्योहारों पर सेहतमंद रहते हुए खुशी मनाने के लिए नीचे पांच सुझावदिए जा रहे हैं।

  1. उपवासएवं डायबिटीज – अधिकांश धर्मों में उन लोगों को उपवास से छूट दी गई है,जो किसी बीमारी से पीड़ित हैं। डायबिटीज पीड़ित लोगभी इस श्रेणी में आते हैं और उन्हें उपवास से छूट है। लेकिन वो अक्सर इस छूट कोस्वीकार नहीं करते। यद्यपि कुछ डायबिटीज पीड़ित तो उपवास सफलतापूर्वक पूरे कर लेतेहैं, लेकिन कुछ लोगों के स्वास्थ्य पर उपवास का विपरीतअसर पड़ता है।

डायबिटीजपीड़ित व्यक्ति के लिए यह आवश्यक है कि वह कैसा भी उपवास रखने से पहले अपने डॉक्टरसे परामर्श ले ले। जिन लोगों को अनियंत्रित डायबिटीज, डायबिटीज के साथ अन्य जटिलताओं जैसे उच्च रक्तचापऔर एंजिना, डायबिटिक कीटोएसिडोसिस का इतिहास एवं कोई अन्यइंटर-करेंट संक्रमण है या फिर जिन्होंने कोई सर्जरी कराई है या जो गर्भवती हैं, इन सभी के लिए उपवास प्रतिबंधित होना चाहिए। यदिकिसी व्यक्ति को नियंत्रित डायबिटीज है,तोउसके लिए अपेक्षित है कि वह अपने पूरे मेडिकल इतिहास के साथ डॉक्टर से परामर्श ले।यहां पर कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है :

– दवाईलेना बंद न करें, यद्यपि दवाई की खुराक और समय बदलने की जरूरत होसकती है – इस बारे में उपवास रखने से पहले डायबिटीज हेल्थकेयर टीम से बात करनीचाहिए।

– नियमिततौर पर ग्लूकोज का स्तर नापें, ताकिदवाई को जरूरत के अनुसार बदला जा सके।

– यदिडायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के खून में शुगर के कम होने के लक्षण, जैसे पसीना,चिंता, घबराहट, कमजोरीया मतिभ्रम के लक्षण महसूस होते हैं, तोउसे फौरन एक मीठे पेय पदार्थ से अपना उपवास तोड़ देना चाहिए, जिसके बाद पर्याप्त कार्बोहाईड्रेट वाला खानालेना चाहिए।

– आपजब भी खाना खाएं, तो आपके आहार में पर्याप्त संख्या में सब्जियां, फल, दालें, फलियां और खड़े अनाज वाले आहार शामिल हों, क्योंकि इनका पाचन धीरे-धीरे होता है और आपके खूनमें शुगर की मात्रा भी धीरे धीरे बढ़ती है। ढेर सारे पेय पदार्थ लेना न भूलें। आपजो भी पेय पदार्थ लें, उनमें कैलोरी की मात्रा कम तथा वो शुगरफ्री होनेचाहिए।

– दैनिकगतिविधि करें और उपवास तोड़ने के बाद एकदम से बहुत ज्यादा खाना न खाएं। मीठे एवंफैटयुक्त आहार कम से कम लें।

  1. उपवासएवं डायबिटीज – जिंदगी की खुशी की कुंजी‘संयम’ है।

– आप‘कम सेहतमंद’ स्वादिषटव्यंजनों को पकाने के तरीके में थोड़ा बदलाव करके उन्हें स्वाद बदले बिना हीसेहतमंद बना सकते हैं। जैसे तले हुए कटलेट्स की जगह आप ग्रिल्ड कटलेट्स खा सकतेहैं।

– अपनेडॉक्टर से पहले ही मिलकर फूड एक्सचेंज सिस्टम (आहार प्रतिस्थापन व्यवस्था) के बारेमें समझ लें। इसका मतलब है कि आप सामान्य खाने की जगह अपने आहार में मिठाई ले सकतेहैं, जैसे शाम को चाय और बिस्किट की जगह बर्फी का एकपीस ले लें।

– यद्यपिज्यादातर मिठाईयों में शुगर और फैट बहुत मात्रा में होता है, क्योंकि उन्हें तला जाता है, लेकिन कुछ मिठाईयां ऐसी हैं, जो अन्य मिठाईयों की तुलना में ज्यादा सेहतमंदहैं। इन मिठाईयों में रसगुल्ला, रसमलाई, संदेश आदि मिठाईयां आती हैं।

– जबआप दावत में जाते हैं, तो अपने आहार की योजना पहले ही बना लेना जरूरीहै। स्नैक्स नियमित समय पर लें, लेकिनफैट या तेल का उपयोग कम करें। जब आप अपनी प्लेट में खाना लेना शुरु करें, तो सलाद से शुरुआत करें। हर व्यंजन की मात्रानिर्धारित कर लें। भले ही आपके दोस्त या परिवार के सदस्य आपको ज्यादा खिलाना चाहें, लेकिन दूसरी बार कोई भी खाने का सामान न लें।

  1. त्योहारोंके दौरान व्यायाम – हर मौसम में नियमित तौर पर व्यायाम करना,डायबिटीज पीड़ित व्यक्ति सहित हर किसी के लिएजरूरी है।

– कईअध्ययनों में सामने आया है कि उपवास के दौरान हल्के व संयत व्यायाम का कोई नुकसाननहीं है।

– यदित्योहारों के दौरान शापिंग, गरबा और डांडिया खेलने जैसी कई गतिविधियां आयोजितहोती हैं, तो हाईपो होने से बचने के लिए नियमित अंतरालों परस्नैक्स लें। अपने खून में शुगर की मात्रा की जांच नियमित तौर पर करते रहें।

  1. पर्याप्तमात्रा में पानी पिएं – पूरे दिन अपने शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने के लिएखूब सारा पानी या फिर शुगर-मुक्त पेय पदार्थ पिएं। इससे खून में शुगर की मात्राबहुत ज्यादा नहीं होगी।

– यदिआप खुशी के मूड में हैं और अल्कोहल पीना चाहते हैं (यद्यपि अल्कोहल के प्रयोग सेबचना चाहिए), तो पुरुष दिन में 3 यूनिटतथा महिलाएं दिन में 2 यूनिट से अधिक न पिएं।1 यूनिट अल्कोहल सामान्य सांद्रता की बीयर (4 प्रतिशत) का आधा गिलास, 25 मिली. स्पिरिट या फिर वाईन (9 प्रतिषत) के 125 मिलीमात्रा के बराबर होता है।

– अल्कोहलसदैव खाने के साथ लें।

  1. दवाईएवं निगरानी बहुत आवश्यक है – अपने खून में शुगर की मात्रा नियमित तौर पर देखतेरहें,ताकि आपको पता रहे कि आपको कब इस पर ध्यान देनेकी जरूरत है। अपनी दवाई से कभी न चूकें। यदि आपको लगता है कि आपकी दवाई की खुराकऔर समय बदलने की जरूरत है, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श लें। यदिआप इंसुलिन पर हैं, तो आप अपने आहार के अनुसार डॉक्टर से इंसुलिन कीखुराक के एडजस्टमेंट के बारे में समझ सकते हैं।

यादरखें कि त्योहारों की खुशी तभी मिलती है, जबआपकी सेहत अच्छी होती है।
प्रस्तुति -लालबिहारी लाल

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