DPL द्वारा “कारगिल विजय दिवस” के उपलक्ष्य में वेबिनार द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

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दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा “कारगिल विजय दिवस” के उपलक्ष्य में  दिनांक 26 जुलाई 2021 को वेबिनार द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया l  डॉ. रुचिका राय मदान, सदस्या, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड  की अध्यक्षता एवं श्री परीक्षित डागर, सदस्य, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड  के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में  श्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा, राष्ट्रीय सचिव उपस्थित रहे l श्रीमती कीर्ति दीक्षित द्वारा सरस्वती वंदना कर सत्र का शुभारम्भ किया गया l

श्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सभी को ‘कारगिल विजय दिवस’ की शुभकामनाएं देते हुए उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि  अर्पित की जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिये हँसते-हँसते अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया | अपने वक्तव्य को बहुत ही प्रभावशाली रूप से श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया, और कारगिल युद्ध के बारे में महत्वपूर्ण विचार श्रोताओं के समक्ष रखे कि कैसे हमारी भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ को सफलतापूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया | इस ऑपरेशन में हमारें बहुत से जवानों को वीरगति प्राप्त हुई लेकिन फिर भी हमारी सेनाओं ने दुर्गम परिस्थितियों का सामना करते हुए माँ भारत की रक्षा का कार्य किया | वर्तमान में देश विरोधी घटनाओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए सभी को देश के जवानों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि यही माँ भारत के वे वीर सपूत है जो खुद रातों को जागकर हमारी रक्षा करते है जिससे हम चैन की नींद सो पाते है |

डॉ. रुचिका राय मदान ने अपने अध्यक्षीय भाषण में श्रोताओं को इस बात से अवगत कराया कि ये हमारे लिए बहुत ही भावनात्मक दिन है, हमें विजय ऐसे ही प्राप्त नही हुई इसके लिए हमे 1999 के समय को याद करना होगा जब घुसपैठियों ने भारत भूमि पर अपना अवैध कब्ज़ा कर लिया, तब भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त कर भारत भूमि को आजाद कराया | 60 दिनों तक चले इस युद्ध में हमारे लगभग 550 सैनिकों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया और बहुत से घायल हुए । उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हम सभी को धर्म, जाति, समुदाय से बाहर निकलकर तिरंगे की गरिमा को बनाये रखना है तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक पालन करना है |

श्री परीक्षित डागर ने अपने वक्तव्य में जवानों की शहादत को नमन करते हुए सभी भारतीय सेनाओं को नमन किया तथा कारगिल युद्ध के बारे में संक्षिप्त व्याख्यान दिया l उन्होंने श्रोताओं को बताया कि हमें अपने धर्म, जाति, समुदाय आदि विभिन्नताओं से ऊपर उठकर देश की सेवा हेतु तत्पर रहना चाहिए, क्योंकि हमारा प्रथम धर्म भारत माता की सेवा करना है और यही हमारा कर्तव्य भी है l

            दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी श्री आर. के. मीना ने श्री तजिंदर पाल सिंह बग्गा, डॉ. रुचिका राय मदान तथा श्री परीक्षित डागर व वेबिनार से जुड़े सभी श्रोताओं का धन्यवाद कर सब को विषय के संदर्भ में अपना ओर अधिक ज्ञानवर्धन करने का आग्रह किया।

            अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समापन किया गया l

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