डॉ सुरेशचन्द्र शर्मा कृत ‘दिनकर के प्रबंध काव्यों का नाट्य रूपान्तर’ लोकार्पण संपन्न

0
17
20190929201815_IMG_7864

29 सितम्बर अप्रैल 2019, नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन संगोष्ठी कक्ष, विष्णु दिगम्बर मार्ग में के.बी.एस. प्रकाशन द्वारा प्रकाशित डॉ सुरेशचन्द्र शर्मा कृत ‘दिनकर के प्रबंध काव्यों का नाट्य रूपान्तर’ के लोकार्पण, परिचर्चा और विभिन्न सामाजिक/सांस्कृतिक एवं साहित्यिक क्षेत्रों की उत्कृष्ट संस्थाओं को सम्मानित करने हेतु, साथ ही उत्तम कवियों द्वारा काव्य पाठ हेतु आयोजित इस अनूठे समारोह का आयोजन अनेक सुधि साहित्यकारों, पत्रकारों और कलाकर्मियों की उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विख्यात साहित्यकार श्रीमती सरोजनी प्रीतम जी ने की, मुख्य अतिथि डॉ पूरन चन्द टण्डन जी हिंदी विभागाध्यक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय  रहे, विशिष्ट अतिथि डॉ शिव शंकर अवस्थी जी महासचिव ऑथर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया, डॉ. हरीश अरोड़ा जी एसोसिएट प्रोफेसर पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय, डॉ. राम विनय सिंह जी एसोसिएट प्रोफेसर पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज देहरादून रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना सरस्वती पुत्री कु. नीतिका सिसोदिया जी ने बहुत ही सुंदर रूप व मधुर स्वर में प्रस्तुत की। इसके पश्चात सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया गया।
इसके पश्चात के.बी.एस. प्रकाशन द्वारा प्रकाशित डॉ सुरेश शर्मा जी की पुस्तक‘दिनकर के प्रबन्ध काव्यों का नाट्य रूपान्तर’ का लोकार्पण, समारोह के अतिथियों के करकमलों से संपन्न हुआ। समारोह के दौरान पुस्तक पर चर्चा में भाग लेते हुए लेखक डॉ सुरेशचन्द्र शर्मा जी ने उपर्युक्त पुस्तक की खूबियों पर प्रकाश डाला, उसके बारे में बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक की प्रेरणा उन्हें कैसे मिली और किन किन कठिनाइयों का उन्हें सामना करना पड़ा। उन्होंने इसका श्रेय अपने पूरे परिवार को माना। उनके साथ उनकी जीवनसंगिनी इंदु जी, उनकी सुपुत्री डॉ भावना शर्मा, उनकी नाती विभूति, उनकी भाभी डॉ. शशि भारद्वाज भी वहाँ उनके साथ थीं।
के.बी.एस. प्रकाशन द्वारा लेखक डॉ सुरेशचन्द्र शर्मा जी को ‘के.बी.एस. साहित्य गौरव सम्मान 2019’ से सम्मानित किया गया, साथ ही उनका सम्मान पत्र भी पढ़ा गया। कु. नीतिका जी को ‘सरस्वती पुत्री सम्मान’ से सम्मानित किया।
इसके पश्चात प्रकाशन ने विभिन्न सामाजिक/सांस्कृतिक एवं साहित्यिक, मीडिया क्षेत्रों की निःस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करनेवाले उत्कृष्ट संस्थाओं को, हिन्दी साहित्य परिषद, इन्द्रप्रस्थ लिटरेचर फेस्टिवल, गन्तव्य संस्थान, वूमनियावेबडॉटकॉम, यश सेवा समिति को सम्मानित किया ।
के.बी.एस. प्रकाशन के प्रकाशक श्री संजय शाफ़ी जी ने लेखक व उनके परिवार के सभी सदस्यों, जिन्होंने हर पल उन सबका साथ दिया प्रोत्साहित किया, को बधाई दी।
सभी सम्मानित अतिथियों (डॉ पूरन चन्द टण्डन जी, डॉ. सरोजनी प्रीतम जी, डॉ हरीश अरोड़ा जी, डॉ. शिव शंकर अवस्थी, डॉ. राम विनय सिंह जी) ने अपने वक्तव्य में बताया कि साहित्य क्या है, उसकी महत्ता क्या है! हिन्दी साहित्य में दिनकर का स्थान क्या है उनके कृतित्त्व के उनके साहित्य के हर पक्ष को उदाहरण द्वारा उजागर किया और कहा कि दिनकर को पढ़ना जीवन का अमृत पीने के समान है। डॉ. सुरेशचन्द्र शर्मा जी द्वारा किये गए इस अकल्पनीय उत्कृष्ट अनूठे कार्य के महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उनकी लेखनी की प्रशंसा की।
अपना आशीर्वाद देते हुए आयोजन की सराहना करते हुए सभी सम्मानित साहित्यकारों और कलाकर्मियों व लेखकों के परिवारजनों को अपनी शुभकामनायें दीं, लेखक को निरंतर साहित्य साधना में रत रहते हुए देश और समाज के हित में रचना कर्म करते रहने को प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह समझाया कि सच्चे साहित्य का निर्माण करना है तो चिंतन ज़रूरी है। साथ ही लेखन से पहले पठन ज़रूरी है, पाठक बनना आवश्यक है, साधना करना आवश्यक है।
श्री अनिल मीत जी एवं श्रीगोपाल सिंह सिसोदिया जी ने लेखक को और प्रकाशक को अपना आशीर्वाद दिया।
हमारे लिए गौरव का पल था जब हमें उन प्रबुद्धजनों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ जिन्होंने साहित्य को जिया है और हमें जीना सिखाया है।
सभी माननीय अतिथियों ने के.बी.एस. प्रकाशन को शुभकामनाएँ दीं, अपना आशीर्वाद दिया और उनके कार्यों की सराहना की और प्रकाशन सदा साहित्य सेवा में लीन रहे ऐसा आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
प्रथम सत्र का श्रीमती भावना शर्मा जी ने सुगठित एवं बेहतरीन संचालन किया।
इसके पश्चात दूसरे सत्र काव्य पाठ का आरंभ हुआ जिसका सुव्यवस्थित बेहतरीन संचालन श्री अनिल मीत जी ने किया। काव्यपाठ में साहित्य जगत के दिग्गज आमंत्रित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से समारोह में चार चाँद लगा दिए जिनमें श्री अनिल मीत जी, देहरादून से पधारे ओज कवि श्री जसवीर सिंह ‘हलधर’ जी, श्री सुजीत शौक़ीन जी, श्रीमती शकुन्तला मित्तल जी, श्रीमती सुषमा भण्डारी जी,  श्री मनोज कामदेव जी, श्रीमती चन्द्रमणि चौधरी, श्रीमती विजय लक्ष्मी भट्ट शर्मा जी मुख्य रूप से थे। सभी सम्मानित कवियों को काव्य सम्राट सम्मान व काव्य सम्राज्ञी सम्मान से सम्मानित किया।
इस समारोह में जनाब ए.एस.अली खां साहब, श्रीमती मुक्ता मिश्रा, श्रीमती परिणीता सिन्हा, डॉ. मुक्ता जी, श्रीमती बीना जी ने भी माँ सरस्वती को अपने काव्य सुमन अर्पित किए।
समारोह के अन्त में डॉ. शशि भारद्वाज जी ने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, महानुभावों, मीडिया पार्टनर ट्रू मीडिया, प्राची मासिक पत्रिका, वूमनियावेबडॉटकॉम, राष्ट्र किंकर, हम सब साथ साथ, तनिमा, डिप्रेस्ड एक्सप्रेस और श्रोताओं के प्रति अपना आभार प्रकट किया।
 डॉ. चन्द्रमणि ब्रह्मदत्त जी, श्री अनिल कुमार गौड़ जी, अतुल प्रभाकर जी, श्री अनिल मीत जी, श्रीगोपाल सिंह सिसोदिया जी, श्री अरविंद त्यागी जी, श्रीमती अर्चना त्यागी जी, डॉ. पूरन सिंह जी, श्री आशीष श्रीवास्तव जी, कु. तनु श्रीवास्तव जी, श्रीमती सरिता भाटिया जी, श्री राहुल दांडी जी, श्री बादल चौधरी जी, श्री अशोक कुमार जी, चंचल पाहुजा जी, ए.एस.अली खान जी, श्री गोपाल गुप्ता गोपाल जी, श्री सुंदर सिंह जी, श्री रवि तिवारी जी, श्री केशव राय जी, श्री अनुज कुमार जी, श्री संजय कुमार गिरी जी, श्री ध्रुव कुमार जी, दिव्या नेगी जी, प्रियंका जी, श्री यशपाल जी, कुमारी सुमन जी, डॉ. भावना शर्मा जी, श्रीमती अनुराधा प्रभाकर जी, श्रीमती अंजू खरबंदा जी, श्री लतांत प्रसून जी, कु. विभूति जी, कु. नीतिका सिसोदिया जी, श्रीमती मुक्ता मिश्रा, श्रीमती परिणीता सिन्हा, डॉ. मुक्ता जी, श्रीमती बीना जी, श्रीमती रीता पात्रा जी, श्री ध्रुव पुजारी जी, श्री देवेन्द्र कुमार जी, श्रद्धा गुप्ता जी, श्रीमती जया जी, श्री प्रभाकर कुमार जी, श्री चन्द्रकान्त मित्तल जी, श्री सदानंद कवीश्वर जी, श्रीमती परिणीता सिन्हा जी, श्री पार्थ पंडित जी, डॉ. अर्चना सक्सेना जी, श्री उमेश चतुर्वेदी जी, श्री देवेंद्र देव मिर्जापुरी जी, श्री उमेशचंद्र शर्मा जी, श्रीमती किरणचंद्र शर्मा जी, श्री संतोष कुमार जी, श्रीमती कुसुम श्रीवास्तव जी, श्री ध्रुव जी आदि ने इस समारोह में पधारकर हमें प्रोत्साहित किया।

LEAVE A REPLY