बीमा कंपनी से किसानों को उनकी फसलों की बीमा क्लेम राशि 18 प्रतिशत ब्याज सहित शीघ्र दिलवाए केन्द्र सरकार

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 श्री प्रभुलाल सैनी
नई दिल्ली, 06 जुलाई, 2017। राजस्थान के कृषि मंत्राी श्री प्रभु लाल सैनी ने केन्द्रीय कृषि मंत्राी श्री राधा मोहन सिंह से आग्रह किया है कि राजस्थान के किसानों की फसलों के बीमा के लिए केन्द्र सरकार की अधिकृत कंपनी युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से किसानों की खरीफ 2016 की फसल की 300 करोड़ रूपये की बकाया बीमा क्लेम राशि 18 प्रतिशत ब्याज सहित शीघ्र दिलवाने में मदद करे ताकि राज्य के किसानों को राहत दी जा सके।
श्री सैनी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्राी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिव्यु मीटिंग के दौरान यह मांग रखी।
श्री सैनी ने बताया कि राजस्थान के 21 जिलों में केन्द्र सरकार द्वारा नामित ‘युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी’ द्वारा प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के तहत किसानों की खरीफ 2016 की फसलों का बीमा किया था। जिसकी कुल क्लेम राशि 722 करोड़ रूपये में से अभी तक बकाया 300 करोड़ रूपये की बीमा क्लेम राशि किसानों को जल्द प्रदान करने के प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा कई बार कंपनी को दिये जा चुके। लेकिन कंपनी किसानों को राहत देने में ढ़िलाई बरत रही है।
प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के नियमों को बनाया जाए सरल
कृषि मंत्राी श्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के वर्तमान नियमों में आवश्यक परिवर्तन कर किसानों के हितों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। ताकि जिन किसानों की फसल खराब हुई है उन्हें संबंधित बीमा कंपनियों से शीघ्र बीमा क्लेम राशि दिलवाने में मदद मिल सके। इन नियमों के सरलीकरण से वर्तमान में चल रही बीमा कंपनियों की मनमर्जी को रोकने में मदद मिलेगी।
अब राज्य सरकार भी बीमा कंपनी बनाकर कर सकेंगी किसानों की कृषि का बीमा
श्री सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के तहत अभी तक सिर्फ केन्द्र सरकार से संबंधित कंपनियां ही राज्यों में किसानों की फसलों का बीमा करने के लिए अधिकृत थी। परंतु अब राज्य सरकार भी कॉपर्स फंड से अपनी बीमा कंपनी बनाकर किसानों का बीमा कर सकेगी। इस प्रावधान से किसानों को राहत देने में राज्य सरकार को सहायता मिलेगी।
श्री सैनी ने बताया कि राजस्थान के 21 जिलों में प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के अंतर्गत ‘युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ के माध्यम से फसल बीमा किया गया परंतु उक्त कंपनी के खराब प्रदर्शन के कारण राज्य के किसानों को काफी परेशानियां हो रही है तथा उनका बीमा क्लेम वक्त पर नही दिया गया है जिसका मुद्दा केन्द्रीय मंत्राी के समक्ष उठाया है जिस पर केन्द्रीय मंत्राी ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए राज्य सरकारों को भी अपनी बीमा कंपनी बनाकर किसानों की फसलों का बीमा करने की बात पर सहमति प्रदान की।
बैठक के दौरान श्री सैनी ने केन्द्रीय मंत्राी से आग्रह किया कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्राी फसल बीमा योजना के वर्तमान नियमों को सरल बनाया जाए ताकि इस योजना का सर्वाधिक लाभ किसानों को प्रदान किया जा सके।
श्री सैनी ने बताया कि रिव्यू बैठक में राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) और सॉयल हैल्थ कार्ड योजनाओं की प्रगति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। उक्त योजनाओं की राजस्थान में प्रगति के बारे में बताते हुए श्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्राी के विजन एवं कृषि क्षेत्रा में लागू की गई फ्लेगशीप योजनाओं में से कृषि विपणन क्षेत्रा की क्रांतिकारी योजना ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नेम) में राजस्थान राज्य के 25 मंडियों को जोड़ा गया है। इस परियोजना के तहत लगभग 1.5 लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।
श्री सैनी ने बताया कि राजस्थान में मुद्रा स्वास्थ्य कार्ड योजनांतर्गत 68.86 जोतों के 25.46 लाख नमूने संग्रहित कर अब तक 48 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड कृषकों को वितरित किए जा चुके हैं।

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