7 साल में 22 पेपर लीक हुए,गुजरात सरकार ने दोषियों पर कोई ठोस कार्यवाही नही की

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(न्यूज ब्यूरो 18 नवंबर 2022)गुजरात चुनाव में छात्रों तक अपना घोषणापत्र ले जाने के लिए NSUI पूरे प्रदेश में छात्र संवाद शुरू करने जा रही है जिसकी शुरुआत राजकोट से आज दिनांक 18 नवम्बर 2022 से हुई, कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात चुनाव के मीडिया प्रभारी आलोक शर्मा व NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व गुजरात चुनाव के मीडिया प्रभारी आलोक शर्मा ने छात्रों से संवाद किया, इससे पहले दोनों नेताओं ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

श्री आलोक शर्मा ने कहा कि मोरबी कि घटना हृदयविदारक है व इसपर राजनीती नहीं होनी चाहिए पर इसका यह मतलब नहीं है कि जो इस घटना के जिम्मेदार है उनकी जवाबदेही तय न हो और वो आसानी से बच कर निकल जाए, अगर गुजरात में पहले हुई ऐसी घटनाओं को देखा जाए तो खानापूर्ति करने के अलावा किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई न जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाई हुई चाहे वो 22 पेपर लीक हो, सूरत के तक्षशिला में आग लगने का मामला हो या लट्ठा कांड हो गुजरात सरकार ने हमेशा लापरवाह अधिकारी और उससे जुड़े व्यापारियों को बचाने की कोशिश की, बात साफ़ है कि सरकार और भाजपा के नेताओं का संगरक्षण इन्हे हासिल है और शायद इसलिए ही मोरबी नगर पालिका के अधिकारीयों ने हाई कोर्ट द्वारा भेजा गया नोटिस लेने तक से इंकार कर दिया, जब सोमवार को कोर्ट ने फटकार लगाई तब मंगलवार को मोरबी नगरपालिका हाई कोर्ट में दस्तावेज लेकर पंहुचा, सोमवार को कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए मोरबी प्रशासन के लिए कहा कि THEY ARE TRYING TO ACT SMART साथ ही ये भी कहा कि 2008 में जब इस पुलिया को बनाने का ठेका दिया गया तो तत्कालीन कलेक्टर का ARM TWIST किया गया, ये कौन था जिसने इस तरह जबरदस्ती ARM TWIST कर के अजंता लिमिटेड को यह ठेका दिलवाया था ?

क्या वो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे या उनके नेतृत्व में चल रही सरकार के कोई बड़े अधिकारी या मंत्री थे, ये सरकार इतनी असंवेदनशील है कि 135 लोगो कि मृत्यु हो जाने के बाद न किसी बड़े अधिकारी को निलंबित किया गया न इस विभाग के मंत्री का इस्तीफा लिया गया, आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि यह मामला शहरी विकास मंत्रालय के अधीन आता है जिसके मंत्री खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल है क्या उनका इस्तीफा नहीं होना चाहिए ?
क्या ऑरेवा कंपनी के मालिक पर नामजद FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए थी ?

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने पेपर लीक का मामला उठाते हुए कहा कि जैसे खानापूर्ति मोरबी कि घटना में हुई हुई है वैसी ही खानापूर्ति की कार्यवाई पेपरलीक में भी हो रही है, 7 साल में 22 पेपर लीक के मामले हुए लेकिन अबतक न एक भी गिरफ्तारी हुई न कोई बड़ी कार्यवाई हुई न जांच हई, छात्रों का भविष्य अंधकार में है और माँ बाप चिंतित है, बेरोजगारी चरम सीमा पर है और छात्र जब छात्र सरकारी परीक्षाओं में पहुँचता है तो पेपर लीक होगया कह कर उनको उठा दिया जाता है, छात्र जब इसके खिलाफ आवाज़ उठाने सड़क पर आते है तो उनको लाठी मार दी जाती है और उनपर केस दर्ज कर दिया जाता है, करवाई न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद है और वो बार बार पेपर लीक करने की घटना से पीछे नहीं हट रहे, गुजरात सरकार ने विधानसभा के पटल पर बताया कि पिछले 4 साल में 6000 सरकारी स्कूल बंद किये गए है व 11 लाख छात्रों ने इस 5 साल में सरकारी स्कूलों से अपना दाखिला वापिस ले लिया व प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले लिया।

NSUI के राष्ट्रीय सचिव एवं गुजरात प्रभारी अंकुश भटनागर ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की सरकार भारी बहुमत से आ रही है।इसके साथ ही सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार अपने सभी वायदों को पूरा करेगी और छात्रहितों में काम करके हर समस्या का समाधान करने का काम करेगी।इसके साथ साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन के नेतृत्व में एनएसयूआई पूरी मजबूती के साथ छात्रों के बीच जाकर भाजपा सरकार के दावों की पोल खोलेगी।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हर्षद शर्मा ने कहा कि गुजरात सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।भाजपा सरकार ने अपने कुशासन में जनहित में कोई काम नहीं किया जिसका जवाब जनता आगामी विधानसभा चुनावों में वोट की चोट से देगी।हर बड़े मोर्चे पर भाजपा सरकार की विफलता गुजरात सरकार की असक्ष्मता एवं कमजोर नेतृत्व का परिचय है जिससे आमजन स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

आलोक शर्मा एवं नीरज कुंदन के साथ प्रेस वार्ता में NSUI राष्ट्रीय सचिव व गुजरात प्रभारी अंकुश भटनागर,राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हर्षद शर्मा, NSUI के प्रदेश प्रमुख नरेंद्र सोलंकी, उपाध्यक्ष दिग्विजय देसाई,पूर्व अध्यक्ष आदित्य सिंह गोहिल, पूर्व अध्यक्ष महिपाल गडवी, प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय देसाई शामिल हुए।

जारी कर्ता :

एनएसयूआई मीडिया विभाग

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