हिंदी साहित्य परिषद् द्वारा अद्भुद आँँन लाइन कवि सम्मेलन व शहीदों को श्रद्धांजलि

0
89

WhatsApp Image 2020-06-20 at 6.23.44 PM

हिंदी साहित्य परिषद् द्वारा एक अद्भुद आँँन लाइन कवि सम्मेलन किया गया l इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल जी ने की व मुख्य अतिथि श्री बिजेंद्र कुमार लोहे वाले रहें कार्यक्रम के मुख्य संयोजक पिलखुवा के जाने माने कवि अशोक गोयल रहें कवि सम्मेलन के सहसंयोजक दिनेश त्यागी ने माँ शारदे की वंदना की व कार्यक्रम का अद्भुद संचालन कवि अशोक गोयल ने किया वरिष्ठ कवि प्रेम निर्मल जी ने पढ़ा -कह निर्मल कवि राय युद्ध का बिगुल बजा दो, हो ऐसा अभियान चीन को धूल चटा दो l
कवि अशोक गोयल ने अपनी रचना को कुछ इस प्रकार पेश किया -बाज नहीं आया यदि धूर्त चीन आदतों से, भारती के सैनिको से बच नहीं पायेगा, बदला यूँ चुन चुन लेंगे सब शहीदों का, रहना तू सीख हद, पीछे पछताएगा l कवि दिनेश त्यागी ने पढ़ा –लोग घरों मै कैद हैं सड़के हैं सुन सान l कवयित्री बीना गोयल ने पढ़ा-रो रही है धरा आज रोता गगन ए शहीदों तुम्हें मेरा सत सत नमन l कवि नरेश सागर ने पढ़ा -हादसों के सफर में कमी तो नहीं है l कवि रामआसरे गोयल ने पढ़ा -होली ओर दिवाली की प्रतीक्षा क्यों होl , कवि विकास विजय ने पढ़ा -बंजर जमीं पर कभी बीज बोने नहीं देते l डॉ पूनम ग्रोवर ने पढ़ा -जरूरी नहीं खुशियाँ ही खुशीयां मिलती हैं बुलंदी के शिखर पर कवि इन्द्र पाल इन्द्र ने पढ़ा जुल्मों सितम को आज मिटाने के लिये चलl कवयित्री डॉ पुष्पा गर्ग ने पढ़ा -कोरोना है घर पर रहना सोशल डिस्टेंस जरुरी है l कवि अवनीत समर्थ ने पढ़ा -नज़र आये नहीं आये मगर शामिल रहा होगा कवि शिव प्रकाश शर्मा ने पढ़ा -माँ की गोदी से बढ़कर सुख का सागर हो तो बतलानाl कवि गंगा शरण शर्मा ने पढ़ा -ये पाकिस्तानी सारे पक्के गद्दार हैं l ग़ज़लकारा मुसर्रफ चौ. ने पढ़ा – चराग तो जला रखना l कवि राजकुमार हिदुस्तानी ने पढ़ा -कोरोना से जंग में मत खाना तुम मात l इसके अतिरिक्त नगर के अनेक गणमान्य पटल से अंत तक जुड़े रहें lमुख्य अतिथि श्री बिजेंद्र कुमार लोहे वालों ने कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की अंत में सभी रचनाकारों ने गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जाबांजो को श्रद्धांजलि अर्पित की l

LEAVE A REPLY