इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती कवि सम्मेलन

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 इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती, दिल्ली के उत्तरी विभाग में दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के सहयोग से सेक्टर 5, रोहिणी में 22 जुलाई 2018 को कवि सम्मेलन का कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता  श्री जीत सिंह जीत जी की रही और सानिध्य मुन्नालाल जी का रहा। कार्यक्रम में मुख्य आतिथि श्रीमती कनिका जैन जी , डिप्टी चेयरपर्सन महिला एवं बाल आयोग,रहीं। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि श्री जय सिंह जी कर रहे थे। कार्यक्रम  का शुभारंभ सरस्वती वंदना द्वारा श्रीमती पूर्णिमा अग्रवाल जी ने किया। मुख्य रूप से कविता पाठ श्री जीत सिंह जीत जी, श्री कृष्ण निर्मल जी, श्री जय सिंह आर्य जी, श्री प्रवीण आर्य जी,डॉ. पूनम माटिया जी, अंजना अंजुम, मनोज शर्मा “मन”,  राकेश गंभीर जी, ने किया। इस कार्यक्रम में उत्तरी विभाग के कई पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई। श्री मुन्नालाल जी संगठन को और बढ़ाने की बात की। उन्होंने कहा कार्यक्रमो से संगठन को गति मिलती है। नये नये कार्यकर्ताओ का सृजन होता है जिनसे संगठन को लंबे समय तक काम करने में आसानी होती है। श्री जीत सिंह जी ने बताया कि ये संगठन 52 वर्षो की मेहनत का परिणाम है। अंत मे आये हुये सभी कवियों का और श्रोताओं के श्रीमती कनिका जैन जी ने धन्यवाद किया। कार्यक्रम में श्री अक्षय जी, श्री बृजेश जी, श्रीमती नीलम राठी और 125 श्रोता मौजूद रहे। सभी को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये साधुवाद। इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती, दिल्ली के उत्तरी विभाग में दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी के सहयोग से सेक्टर 5, रोहिणी में 22 जुलाई 2018 को कवि सम्मेलन का कार्यक्रम रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता  श्री जीत सिंह जीत जी की रही और सानिध्य मुन्नालाल जी का रहा। कार्यक्रम में मुख्य आतिथि श्रीमती कनिका जैन जी , डिप्टी चेयरपर्सन महिला एवं बाल आयोग,रहीं। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय कवि श्री जय सिंह जी कर रहे थे। कार्यक्रम  का शुभारंभ सरस्वती वंदना द्वारा श्रीमती पूर्णिमा अग्रवाल जी ने किया। मुख्य रूप से कविता पाठ श्री जीत सिंह जीत जी, श्री कृष्ण निर्मल जी, श्री जय सिंह आर्य जी, श्री प्रवीण आर्य जी,डॉ. पूनम माटिया जी, अंजना अंजुम, मनोज शर्मा “मन”,  राकेश गंभीर जी, ने किया। इस कार्यक्रम में उत्तरी विभाग के कई पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई। श्री मुन्नालाल जी संगठन को और बढ़ाने की बात की। उन्होंने कहा कार्यक्रमो से संगठन को गति मिलती है। नये नये कार्यकर्ताओ का सृजन होता है जिनसे संगठन को लंबे समय तक काम करने में आसानी होती है। श्री जीत सिंह जी ने बताया कि ये संगठन 52 वर्षो की मेहनत का परिणाम है। अंत मे आये हुये सभी कवियों का और श्रोताओं के श्रीमती कनिका जैन जी ने धन्यवाद किया। कार्यक्रम में श्री अक्षय जी, श्री बृजेश जी, श्रीमती नीलम राठी और 125 श्रोता मौजूद रहे। सभी को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये साधुवाद।

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