लघुकथा – खुदकशी 

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युवा पत्रकार दीपक ने अपने साप्ताहिक में दरोगा शैतान सिंह के काले कारनामों को क्या छाप दिया | शैतान सिंह तिलमिला उठा | उसने तुरन्त बदले की भावना से दीपक पर अनन्त धाराओं का एक ग्रंथ लिख डाला | दीपक को जबरन गिरफ्तार कर लिया और तब तक शैतान सिंह दीपक को थर्ड डिग्री देता रहा जब तक कि वो मर न गया |

सुबह महानगर के लोगों ने एक बड़े अखबार में खबर पढ़ी – सड़क छाप पत्रकार ने की खुदकशी | खुदकशी के कारणों की पुलिस कर रही है छानबीन… |

– मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

 

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