प्रत्येक सनातनी के लिये माँ बगलामुखी का महायज्ञ कल्पवृक्ष के समान है-यति नरसिंहानंद सरस्वती

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आज रामघाट स्थित वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में सनातन वैदिक राष्ट्र के निर्माण,सनातन धर्म तथा सनातन धर्म के मानने वालों की  बेटियो और परिवार सहित रक्षा,सनातन धर्म के सभी शत्रुओ के समूल विनाश तथा महायज्ञ के भाग लेने वाले तथा सहयोग करने वाले भक्तगणों की सभी सात्विक मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु विजय और सदबुद्धि की देवी माँ बगलामुखी तथा महादेव का पांच दिवसीय महायज्ञ का शुभारंभ हुआ।यह महायज्ञ आषाढ़ के गुप्त नवरात्रि के अति पवित्र अवसर पर आरम्भ हुआ है जो सभी उन सनातन धर्मियों को बल देगा जो धर्म और अपने बन्धु,बांधव,मित्रगण सहित अपने परिवार की रक्षा के लिये लड़ेंगे।इस महायज्ञ के मुख्य यजमान सुप्रसिद्ध कथावाचक पण्डित देवेंन्द्र शास्त्री हैं तथा मुख्य संयोजक उनके सुपुत्र श्री कपिल वशिष्ठ हैं
महायज्ञ का शुभारंभ करते हुए यति नरसिंहानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि सनातन धर्म मे शत्रु विनाश और विजय के लिये माँ बगलामुखी और महादेव की साधना से बढ़कर कुछ भी नहीं है।माँ बगलामुखी और महादेव की साधना का सबसे बड़ा उपाय मंत्र जप और महायज्ञ है।वस्तुतः माँ बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ कल्पवृक्ष के समान है जो मानव की सभी मनोकामना पूर्ण करने में समर्थ है।आज जब हमारा सम्पूर्ण अस्तित्व खतरे में है तो हमें माँ बगलामुखी और महादेव की शरण में जाना ही चाहिये।
यति नरसिंहानंद सरस्वती जी ने यह भी बताया कि उनका संकल्प है कि शिवशक्ति धाम डासना से आरंभ हुआ यह महायज्ञ कभी भी न रुके और अनन्त काल तक अलग अलग तीर्थ स्थानों पर चलता रहे। जैसे जैसे भक्तगण जुड़ते जायेगे और सहायक बढ़ते जाएंगे यह महायज्ञ और अधिक प्रचण्ड होता चला जायेगा।शिवशक्ति धाम डासना से आरम्भ होकर यह महायज्ञ विश्व के हर कोने में आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने हर जीवित हिन्दू से इस महायज्ञ में भागीदारी करने का आह्वान किया।
महायज्ञ में भाग लेने आई महामंडलेश्वर डॉ साध्वी अन्नपूर्णा भारती जी ने अलीगढ़ और बुलंदशहर की जनता से इस दिव्य महायज्ञ में भाग लेने और सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना अब हर हिन्दू का एकमात्र लक्ष्य होना चाहिये।
महायज्ञ के शुभारंभ में यति सत्यदेवानंद सरस्वती,यति रविन्द्रानंद सरस्वती,यति सेवानन्द सरस्वती,यति शिवानन्द सरस्वती जी तथा अन्य सन्यासियो सहित केदार सिंह, लक्ष्मण शर्मा प्रधान पति रामघाट , प्रताप सिंह, सुभाष शर्मा, टीटू शर्मा, हिमांशु शर्मा, महेश शर्मा, मोहन चौहान, भगवान दास चौहान,अनुराग राय,पंकज त्यागी,आशु त्यागी,मनोज जैन तथा अन्य भक्तगण उपस्थित थे।

यहाँ यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि शिवशक्ति धाम डासना के अधिष्ठाता यति नरसिंहानंद सरस्वती जी ने अपने जीवन मे केवल सनातन धर्म और सनातन धर्म के मानने वालों की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओ के विनाश के लिये ही सदैव माँ और महादेव का आह्वान किया है। अब यति नरसिंहानंद सरस्वती जी पूरे भारतवर्ष में घूम घूम कर सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना,सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म के सभी शत्रुओं के विनाश के लिए माँ बगलामुखी और महादेव का महायज्ञ का आयोजन कर रहे हैं।

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