नारी_कल_आज और_कल

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नारी तुमको जगना होगा
दृढ़ निश्चय से बढ़ना होगा
आहत मन को देकर आशा
भर के जीवन में अभिलाषा
अपना रूप बदलना होगा
नारी तुमको…….
भूतकालीन गौरव गाथा तुम
गार्गी  मैत्रयी  विद्योत्तमा  तुम
देश  की  शान  सदा  तुमसे ही
देश  का  मान  सदा तुम  से ही
पुनः इतिहास पलटना होगा
नारी तुमको….
विषम मार्ग है माना लेकिन
पथ अवरोधक हैं राह कठिन
लड़ना    होगा    स्वयं   लड़ाई
नही    मिलेगी     तुझे     बढ़ाई
फिर भी तुझको चलना होगा
नारी तुमको …..
ना हारी ना हारेगी तू
खुद को अब ना मारेगी तू
जीने का हक  है  तुझको भी
चैन   से  रहना  है  तुझको भी
अवरोधों  से  लड़ना  होगा
नारी तुमको…..
बन जा चंडी ज्वाला काली
लक्ष्मी   दुर्गा   खप्पर  वाली
सिंहनाद   सी    घोर   गर्जना
दावानल  सी  आज  भड़कना
रूप अनूप अब धरना होगा
नारी तुमको जगना होगा
दृढ़ निश्चय से बढ़ना होगा
आहत मन को देकर आशा
भर के जीवन में अभिलाषा
अपना रूप बदलना होगा
✍?नाम-दीपासंजय*दीप*

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