नूतन वर्ष

0
54
नूतन वर्ष आया है स्वागत कीजिये
बसंत साथ लाया है स्वागत कीजिये
सरसों फूली पीली पीली
चहुँ ओर प्रकृति रंगीली
ठंडी बयार लाया है स्वागत कीजिये
झूले चकरी में झूलन को
राम रामदीन साथ चले
मेले का आनंद लाया है स्वागत कीजिये
नूतन वर्ष में नवल हर्ष
जीवन मे आये उत्कर्ष
नव उल्लास लाया है स्वागत कीजिये
रंग बिरंगी पतंग लेकर
हार जीत का खेल लेकर
मन में खुशियां लाया है स्वागत कीजिये
गर्म गर्म पकोड़े लेकर
चाट चटनी हलवा लेकर
थाल सजाकर लाया है स्वागत कीजिये
ओ काटा ओ काटा रे
गली गली शोर रे
आंनद पर्व लाया है स्वागत कीजिये
कवि राजेश पुरोहित

LEAVE A REPLY