पद्मावती

0
43

जौहर से जो अमरत्व पा गई
पद्मिनी एक राजपूतानी थी।
चलो सुनाते हैं तुमको
उनकी कैसी अविरल कहानी थी।।
सुंदरता का अभिमान थी
चितौड़ की महारानी थी।
चतुराई भी थी नाज करती
बड़ी तेज बुद्धिमानी थी।।
छू न पाया उसे अधर्मी
बड़ी ही स्वाभमानी थी।
रतन सिंह की अर्द्धांग वह
बड़ी अटल बलिदानी थी।।
हारा विकृत खिलजी जिससे
वह विजयी रुद्र भवानी थी।
राजपूताने का सम्मान रखा
सब पे भाड़ी एक जनानी थी।।
सती हो गई हंसकर
उसे राष्ट्र की लाज बचानी थी।
इतिहास भी गौरव करता
इतनी पावन पद्मावती महारानी थी।

                                   मुकेश सिंह
सिलापथार,असम

LEAVE A REPLY