डॉ. उदित राज के नेतृत्व में डीओएम परिसंघ का महासम्मेलन संपन्न

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Dr. Udit Raj MP

  • डीओएम दिल्ली प्रदेश की पहली बैठक में हजार से अधिक मुख्य कार्यकर्ताओं ने लिया भाग
  • डीओएम के माध्यम से दलित, पिछड़े एवं अल्पसंख्यक एक मंच पर आकर लड़ेंगे अधिकार की लड़ाई  
  • डॉ. उदित राज ने दिल्ली प्रदेश टीम को सफल आयोजन की दी बधाई    

नई दिल्ली, 27 फरवरी 2018, अनुसूचित जाति/जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज के नेतृत्व में डीओएम परिसंघ की दिल्ली इकाई का महासम्मेलन आज मावलंकर हाल, कांस्टिट्यूशन क्लब, नई दिल्ली में संपन्न हुआ | दिल्ली इकाई से आये हजारों कर्मचारियों, अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस महासम्मेलन में भाग लिया है | उन्होंने नवनियुक्त डीओएम परिसंघ की पूरी टीम को इतने शानदार आयोजन के लिए बधाई दी | डॉ. उदित राज डीओएम परिसंघ के संरक्षक हैं | डीओएम का पूरा अर्थ डीओएम (दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक) हैं और इस संगठन का मकसद सभी को एक मंच पर लाकर आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी |

डॉ. उदित राज ने कहा 1991 से जो नीति सरकार की शुरू हुई उससे दलितों-पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों का अधिकार कम होता गया है | दिल्ली में ठेकेदारी प्रथा, आउटसोर्सिंग आदि की वजह से सरकारी नौकरियों मे भर्ती कम हो रही है | ऐसे में दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी तेज़ी से बेरोजगार हो रहे है और भागेदारी घट रही है | निजीकरण और ठेकेदारी प्रथा से दिल्ली ही नही पूरे देश से आरक्षण ख़त्म हो रहा है |डीओएम भागेदारी के माध्यम से एक श्रेष्ठ राष्ट्र और अखण्ड भारत का निर्माण करना चाहता है | जब तक सबकी भागेदारी नहीं होती, तब तक एक संतुलित समाज नहीं बनाया जा सकता है | 27% आरक्षण आधा भी नही पूरा हुआ कि निजीकरण, ठेकेदारी एवं आउटसोर्सिंग से ख़त्म किया जा रहा है | इस मंच के माध्यम से दलितों, पिछड़ों एवं अल्संख्यकों में एक साथ लाकर आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी |

डॉ. उदित राज ने आगे संबोधित करते हुए कहा कि परिसंघ वर्षों से निजी क्षेत्र में आरक्षण के लिए 2003 -04 से संघर्ष कर रहा है और उसकी वजह से यह राष्ट्रीय मुद्दा बना भी | समाज से जो समर्थन मिलना चाहिए वह न मिल सका जिसकी वजह से कई सारी मांगे पदोन्नति में आरक्षण, न्यायपालिका में आरक्षण, जाति प्रमाण पत्र आदि मांगे पूरी न हो सकी | दलित आदिवासी समाज राजनैतिक शक्ति के सहारे न रहे जैसे कि जाट और पटेल समाज जिसने राजनैतिक नेत्रत्व को दरकिनार करके सड़कों पर उतरा और उनकी मांगे पूरी की |

डॉ. उदित राज ने कहा लोगों को डीओएम परिसंघ में देने के लिए आना है न कि लेने के लिए | इसलिए उनसे अनुरोध है कि परिसंघ में यह सोंच कर जुड़े कि समाज के लिए त्याग करना है न कि प्राप्त करना |

डीओएम परिसंघ दिल्ली इकाई के संयोजक परमिंदर ने कहा कि मैं और मेरी टीम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज का धन्यवाद करती है | कि उन्होंने इतना विश्वास हमारे ऊपर किया | डीओएम परिसंघ देश के सभी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा सशक्त और मजबूत करने का प्रयास करेगा | आज के कार्यक्रम का संचालन परमिंदर, बाबूलाल, रामकुमार और सुमित ने किया |

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