पुस्तक समीक्षा : जय रक्तवीर 

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कवि-लेखक एवं सम्पादक आदरणीय डॉ. अशोक कुमार मंगलेश जी ने अपनी क्रति – ‘जय रक्तवीर’ में सबसे बड़ा दान – रक्तदान पर प्रकाश डाला है | लेखक ने रक्तदान के लिए अपनी गद्य-पद्य लेखनी से तमाम चिकित्सकीय जानकारी जय रक्तवीर में उपलब्ध कराई है | रक्तदान को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की जिज्ञासाएं, भ्रांतियां, डर आदि होता है | इस पुस्तक को पढ़ने के बाद लोगों के अंदर की सारी जिज्ञासाएं,डर आदि हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जायेगा |

साहित्यिक भाषाशैली में रचित यह पुस्तक पठनीय और संग्रहणीय है | हर व्यक्ति को यह पुस्तक पढ़नी चाहिए, फिर चाहे वो किसी भी जाति-धर्म, मजहब को मानने वाला क्यों न हो | क्योंकि खून की जरूरत किसी भी वक्त, किसी भी धर्म, जाति, मजहब के व्यक्ति को पड़ सकती है | मानव सेवा की सच्ची मिसाल है यह पुस्तक | निकट भविष्य में बड़े से बड़ा सम्मान – पुरस्कार प्राप्त करेगी – जय रक्तवीर… करीब 73 पृष्ठों से बनी यह क्रति अपने आकर्षक मुखपृष्ठ व उच्चकोटि के कागज से भी पाठकों का ध्यान अपनी ओर खींचती है | रक्तदान से सम्बंधित तमाम जानकारीओं का अनूठा व प्रेरणामयी संकलन है जय रक्तवीर | ऐसी विलक्षण कृति के लिए कवि, लेखक व सम्पादक को साधुवाद | कृति पाठकों द्वारा सराहना व सरकारी एवं गैर सरकारी पुरस्कार प्राप्त करेगी, हमें पूर्ण आशा है |

पुस्तक :- जय रक्तवीर
कवि, लेखक व सम्पादक :- डॉ. अशोक कुमार मंगलेश
पता :- 222,एम.सी. कॉलोनी, वार्ड नं. 18, लोहारू रोड़, कैनरा बैंक के पीछे, चरखी दादरी, हरियाणा – 127306
प्रकाशन :- निर्मला स्मृति साहित्यिक समिति (पंजी.)
पृष्ठ :- 73, मूल्य :- 80₹
संस्करण :- प्रथम- 2017
मुद्रक :- हरिदर्शन प्रिंटिंग प्रैस, चरखी दादरी
समीक्षक :- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा,
गॉव रिहावली, डाक तारौली गुर्जर, तहसील फतेहाबाद,
आगरा, 283111, उ.प्र.

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