श्री राज कुमार जैन ‘राजन’ ( बाल साहित्य के ध्वजवाहक) का साक्षात्कार लेते हुए … प्रवीण कौशिक

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श्री राज कुमार जैन ‘राजन’ ( बाल साहित्य के ध्वजवाहक) का साक्षात्कार लेते हुए … प्रवीण कौशिक

28 COMMENTS

  1. राजन जी वास्तव में बाल साहित्य के लिए तन मन धन से जो काम कर रहे है उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है

  2. बाल साहित्य के ध्वजवाहक आदरणीय राजन जी के सतत् प्रयासों को नमन

  3. Bahut bahut badhai, bahut sach kahaa apne.. bahut jaruri hai ki har ghar me baal sahitya ki kitabein hon.

  4. आपने बाल साहित्य के लिए बहुत काम क्या है और इसके पीछे आपकी सोच की भविष्य की पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए बालसाहित्य बहुत उपयोगी है अनुकरणीय है

  5. आदरणीय राजकुमार जैन राजन साहब का बालसाहित्य में अद्वितीय योगदान है उनके साहित्यिक योगदान के लिये जलईया परिवार उनकी साहित्यिक दीर्घ आयु की कामना करता है

  6. बहुत सराहनीय कार्य कर रहे हैं राजकुमार जैन राजन जी
    बहुत -बहुत बधाई आपको।

  7. Rajan jee .
    baal.sahity k prerak vyaktitav hai .mukt kanth se kaha jaaye to ek.yug k
    manind hai.baal.sahity k roip me..jo.nirmal bhaav se apna kaam.kar rahe hai .mujge.gourav hai.ki.mujhe inka saandhy.mila hai ..kahne.ko.bahut.kuch.hai magar itna.hi ki.rajan.jee ek.akadmy.se kam.nahi.jo.kaam.sarkari akadmy..ahi kar pTI.WO KAARY RAAJAN.JEE.KAR RAHE HAI ..AABHAAR

  8. त्रिदिवसीय हिंदी विकास सम्मेलन
    शिलांग की प्रतिक्रिया
    कवि राजेश पुरोहित
    पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी द्वारा आयोजित हिंदी विकास सम्मेलन के त्रिदिवसीय सम्मेलन शिलांग में मुझे आमन्त्रित किया। में राजस्थान के झालावाड़ जिले से वहां पहुंचा।मार्ग में पूर्वोत्तर के खासी , नागा जाति के लोगों के आवास, परिधान को देखा तो मुझे लगा कि ये अपनी संस्कृति व संस्कार को जीवित रखे हुये हैं।
    राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल के लोगों से यात्रा के दौरान भेंट हुई। शिलांग के लोगों में अतिथि सत्कार करने के
    रिवाज़ से प्रभाबित हुआ। मुझे अच्छा लगा। हिंदी के लिए प्रयासरत आदरणीय अकेला भाई
    जी से रूबरू हुआ तो लगा जैसे में इन्हें कहीं बार मिल चुका हूं।
    इन तीन दिनों में मुझे आपके मस्तमौला स्वभाव ने बहुत प्रभावित किया।। तीन दिनों में मैने काव्य पाठ किया, कवि सम्मेलन का संचालन किया, ओर महाराज कृष्ण जैन सम्मान प्राप्त किया ये सब अकेला भाई जी के सानिध्य में कर स्वयं को गौरान्वित
    महसूस किया। ऐसी अकादमी का
    हिंदी सेवकों के सम्मान करना
    बहुत बड़ी बात है। अकेला भाई जी ने आवास, लज़ीज़ भोजन की शानदार व्यवस्था के साथ ही लेखकों को पर्यटन क्षेत्रों के भ्रमण की बहुत ही बेहतरीन व्यवस्था की। सहज, सरल व्यतित्व के धनी
    भाई अकेला जी का आभारी हूँ।
    मेरी लेखनी से क्या लिखूं इस सम्मेलन में मुझे सम्पूर्ण राष्ट्र के 18 राज्यों के लेखकों से मुलाकात
    करवाने का अवसर प्रदान करवाने हेतु मेरे मित्र भाई राजकुमार राजन जी, कीर्ति जी,आप सबका आभारी हूँ। में आगे भी ऐसे ही आयोजनों हेतु आशान्वित रहूंगा।
    आप इसी प्रकार हिंदी के लिए सेवा करते रहे । आपकी साहित्य सेवा। स्तुत्य है।
    कवि राजेश पुरोहित
    भवानीमंडी
    जिला झालावाड़
    राजस्थान

  9. WAh .hardik.badhai sir ..maine aap.k.bhinn-bhinn.aalekho..sampadakiy padhe hai aur.purtah aap ka dhey baal.sahity jaa.vikaas hi hai .ek prerak aur anykarniy vyaktitav hai aap k .bahut bahut badhai .shubh kaambaen .sadar

  10. आदरणीय राजकुमार जैन राजन जी बहुत उत्कृष्ट साक्षात्कार , बाल साहित्य के उपर आपका सराहनीय काॠ और आगे का सोंच सराहनीय है , बधाई हो आपको ।

  11. आदरणीय राजकुमार जैन राजन जी बहुत उत्कृष्ट साक्षात्कार , बाल साहित्य के उपर आपका सराहनीय कार्य और आगे का सोंच सराहनीय है , बधाई हो आपको ।

  12. सर्वप्रथम आदरणीय राजकुमार जैन राजन जी को तहेदिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ कि आपने आपके “मन के जीते जीत” बाल कहानी को मुझे असमीया में अनुवाद करने के लिए मौका दिया । साथ ही कहना चाहूँगी यह बात सच है कि एक अच्छा साहित्य ही बच्चों को अच्छा संस्कार दे सकते है । वर्तमान पीढ़ी में पुस्तक पढ़ना कम हो गया है, इसलिए अच्छा पुस्तक जैसे बच्चों के लिए मनोग्राही बाल कहानी ही ये रूचि बढ़ा सकते है । इसके लिए आदरणीय राजन जी को फिर से धन्यवाद देती हूँ । ट्रू मीडिया के शुक्रगुजार हूँ कि आपने जनसाधारण तक ये बात ले गए ।

  13. बहुत ही उपयोगी , प्रेरणास्पद साक्षात्कार ।??

  14. Badhai rajanji, bal sahityakar banne ke lie khud ko balak banna parta hain.bahut accha wichar hain. Abhinandan

  15. भाई राजकुमार राजन जी को पंकज कौशिक की तरफ से ढेर सारी हाद्वीक शुभकामनाएँ।

  16. राजन जी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।अच्छा साक्षात्कार पवित्रा अग्रवाल

  17. बहुत बढिया सर आज के नौनीहाल जो कल का भविष्य हैं उनके लिए आप के उच्च विचार हम सब के लिए प्रेरणादायक हैं

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