काव्य-दरिया-साहित्यिक-मंच’ के तत्वावधान में सरस काव्य संध्या का आयोजन 

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संजय कुमार गिरि ,नई दिल्ली ,’काव्य-दरिया-साहित्यिक-मंच’ के तत्वावधान में एक सरस काव्य संध्या का आयोजन वसुंधरा सेक्टर-9, गाजि़याबाद में जगदीश मीणा की अध्यक्षता एवम् मुख्य अतिथि राजेश वर्मा के सानिध्य में कवियत्री डॉ प्रज्ञा ख़ुशी जे के निवास स्थान पर किया गया.!.सर्वप्रथम संजय कुमार गिरि (अध्यक्ष काव्य दरिया ) ने मां शारदे की वंदना कर कार्यक्रम की शुरूआत उसके तत्पश्चात.निर्देश शर्मा पाबला , जगदीश मीणा ,राजेश वर्मा.. डा़ प्रज्ञा ‘ख़ुशी’ , अभिषेक झा  ने काव्य के विभिन्न रसों का रसास्वादन कराया एवम् फजां को काव्यमय कर दिया !कवियत्री डॉ प्रज्ञा ख़ुशी ने पढ़ा —-कल तक जो ख्वाब था वो हकीकत ही बन गया, कवि अभिषेक ने पढ़ा -हर जवानी आग पानी में लगा सकती मगर ये होश तो जाकर मिलें जोश में हर नौजवां के कवि कवि एवं पत्रकार संजय कुमार गिरि ने पढ़ा –करें हैं धर्म के जो नाम पर फ़तवा यहाँ जारी जरा सी बात पर तलवार उनको खीचते देखा,निर्देश शर्मा ने पढ़ा —डाँट भी यारा मुझे है जान से प्यारी ते’री जानता हूँ दिल में’ तेरे है शहद खारा नही।इसी कड़ी में राजेश वर्मा ने भी अपनी कुछ गुदगुदाती हुई हास्य रचनाओं की फुलझड़ी छोड़ी जिस पर सभी कवि हँसते हँसते लोट पॉट हो गए और अंत में कवि जगदीश मीणा ने बही बहुत लाजबाब पढ़ा –उसके ‘ख़यालों’ का भी रक्खा बख़ूबी ख़याल कुछ इस क़दर रस्मे उल्फ़त निबाह दी हमने ! मंच का सुन्दर सञ्चालन निर्देश शर्मा पाबला ने बहुत लाजबाब अंदाज़ में किया !

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