इटली की सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश में कृपान पहनने पर पाबंदी बरकरार

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डी.एस.जी.एम.सी.) ने आज इटली की सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश में कृपान पहनने पर पाबंदी बरकरार रखने के फैसले पर सख्त प्रतिक्रिया प्रगट की है व कहा कि वह यह मामला विदेश मंत्री श्रीमति सुष्मा स्वराज के समक्ष उठाएगी और उनसे यह अपील करेगी की वह यह मामला इटली सरकार के समक्ष उठाए।

इटली की सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज यहां जारी एक ब्यान में कहा कि दिल्ली कमेटी एसे हालात को समझती है, जहां अदालतों को संबंधित देश में लागू कानून के दायरे में रह कर फैसले लेने पड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत सरकार दुनियां भर में बसते सिखों के हितों की रक्षा के लिए बड़ी भूमिका अदा करे और सिखों के धार्मिक चिन्हों का मसला अलग अलग मुल्कों के समक्ष उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ मुल्क जहां यह धार्मिक चिन्ह धारण करने पर पाबंदी है के कानूनों में संशोधन करने की जरूरत है ताकि इस उद्देश्य की पूर्ती हो सके और इसके लिए भारत सरकार को इन देशों के सिखों के धार्मिक चिन्ह विशेष तौर पर पांच ककार जिन में कृपान, कंघा, कड़ा, कछहरा और केश शामिल हैं कि अहमियत की जानकारी देनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का एक उच्च स्तरीय वफद जल्द ही विदेश मंत्री श्रीमति सुष्मा स्वराज से मुलाकात करेगा व उन्हें यह मामला इटली के समक्ष उठाने की जरूरत से अवगत करवाएगा। उन्होंने कहा कि इन देशों में यह मामले इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि इन देशों की सरकारें सिखों के धार्मिक चिन्हों की महत्तवता से अवगत नहीं हैं।

श्री सिरसा ने और कहा कि इटली की सुप्रीम कोर्ट ने भी यह कबूल किया है कि वह भांतीय समाज में विभिन्नता जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनियां भर में पिछले सालों के दौरान सिखों द्वारा दिए गए योगदान को मान्यता प्राप्त हुई है और अपनी कम आबादी के बावजूद भी सिख भाईचारे ने दुनिया के सारे अर्थचारे के लिए अपना योगदान दिया है और इन देशों की सरकारें भी इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सारे देशों में सिखों को इनके धार्मिक चिन्ह धारण करने की आजादी दिलाने का लक्ष्य हासिल करने के तौर तरीकों पर चर्चा करेगी व इसके लिए जो भी कदम उठाना पड़ा उठाया जाएगा।

वर्णनीय है कि इटली के इस ताजा मामले में एक सिख व्यक्ति ने निचली अदालत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। रोम की अदालत ने उस व्यक्ति को उत्तरी इटली के गोइटो स्थित अपने घर से बाहर निकलते समय 20 सैंटीमीटर लंबी कृपान पहनने पर 2195 अमरीकी डालर का जुर्माना किया था।

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