भारत के पूर्व कौंसलाधीश श्री चंद्र मोहन भंडारी के सम्मान में टोरंटो, कनाडा में कवि सम्मेलन

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कनाडा, 5 अगस्त,  को स्थानीय गोर-मीडोज़ कम्युनिटी सेंटर, ब्रैम्प्टन, कनाडा में भारत के पूर्व कौंसलाधीश श्री चंद्र मोहन भंडारी के सम्मान में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन के दौरान श्री भंडारी का माल्यार्पण कर वरिष्ठ साहित्यकार व जाने-माने समाजसेवी श्री कैलाश चंद्र भटनागर ने स्वागत किया। विश्व हिंदी संस्थान, कनाडा की ओर से प्रो. सरन घई व संस्कृत योग सभा की ओर से आचार्य संदीप त्यागी ने उनको अपनी-अपनी संस्था की ओर से सम्मान-पत्र भेंट किये व स्वरचित पुस्तकें भी भेंट कीं। श्रीमती सरोज भटनागर ने भी इस अवसर पर उन्हें अपनी पुस्तक भेंट की। प्रो. सरन घई, आचार्य संदीप त्यागी, डा. देवेन्द्र मिश्रा, सीनियर सोशल सर्विसेज़ ग्रुप के सचिव सरदार कुलदीप सिंह रखड़ा, यूपिका संस्था के अध्यक्ष श्री संजीव मलिक, न्यू होप सीनियर्स क्लब के सचिव श्री भीमसेन कालिया, श्री सतपाल गुप्ता व यूनिवर्सिटी आफ़ टोरंटो की प्रो. साधना जोशी ने अपने हृदयोद्गारों के साथ श्री चंद्र मोहन भंडारी जी के व्यक्तित्व की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित किया। इसके पश्चात श्री भंडारी ने टोरंटो में बिताये अपने कार्यकाल की मधुर स्मृतियों को पुनर्जीवित कर सबको पुन: उन क्षणों में जीने के लिये एक सुनहरी अवसर प्रदान किया।
इसके बाद विधिवत कवि सम्मेलन प्रारंभ हुआ जिसमें डा. देवेन्द्र मिश्र, श्रीमती सुधा मिश्र, आचार्य संदीप त्यागी, श्री रत्नाकर नराले, श्रीमती सरोज भटनागर, श्री सुरेन्द्र पाठक, श्रीमती प्रमिला भार्गव, श्री निर्मल सिद्धु, प्रो. साधना जोशी व प्रो. सरन घई ने हिंदी में कविता पाठ किया। सरदार परगट सिंह बग्गा व सरदार अवतार सिंह हर्षी ने पंजाबी में काव्यपाठ किया जबकि जनाब अंसार क़ुरैशी और जनाब सिकंदर अबुल ख़ैर साहब ने उर्दू में ग़ज़ल कहकर समां बांधा।
इस कार्यक्रम का एक और मक़सद टोरंटो, कनाडा में भारत के स्वतंत्रता दिवस पर हो रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत 20 अगस्त, 2017 को टोरंटो में निकलने वाली ग्रैंड परेड में राजस्थान एसोसियेशन आफ़ नार्थ अमेरिका (राणा) के सहयोग से विश्व हिंदी संस्थान की ओर से साहित्य की झांकी “साहित्य रथ” के मंतव्य और उपयोग पर प्रो. सरन घई ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत से बाहर “साहित्य रथ” पहली बार टोरंटॊ, कनाडा में पूरी शान व गरिमा के साथ साहित्यकारों के मान-सम्मान को आकाशीय ऊँचाइयां देता टोंरंटो, कनाडा की सड़कों पर अपना जलवा बिखेरेगा। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व डूंगरपुर, राजस्थान में गत 26 जनवरी,2017 को विश्व में पहली बार “साहित्य रथ” अपनी आन-बान-शान के साथ परेड में शामिल हुआ, जिसे प्रिंसीपल दीपिका द्विवेदी ’दीप’ ने विश्व हिंदी संस्थान, कनाडा की प्रेरणा से कल्पना को हक़ीकत में परिवर्तित कर परेड में शामिल करवाया। 

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