आईपैक्स भवन में WOW India के 15वें स्थापना दिवस

0
116

WhatsApp Image 2022-11-22 at 5.14.59 PM
21 नवम्बर 2022 को दिल्ली के I. P. Extension स्थित सभागार आईपैक्स भवन में WOW India के 15वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में संस्था के WOW साहित्यकृतिक मंच द्वारा साहित्य मुग्धा दर्पण के साथ मिलकर श्री लक्ष्मणदास चैरिटेबल ट्रस्ट और 6 OEGANICS (Beauty Products) के सौजन्य से एक कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रमा सिंह ने । मुख्य अतिथि थीं एक अन्य वरिष्ठ साहित्यकार डॉ नीलम वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि थीं एक अन्य वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मन्जु गुप्ता । संस्था की Chairperson डॉ शारदा जैन, उपाध्यक्ष श्रीमती बानू बंसल, महासचिव डॉ पूर्णिमा शर्मा तथा साहित्य मुग्धा दर्पण की अध्यक्ष श्रीमती रेखा अस्थाना और सचिव श्रीमती अर्चना गर्ग के साथ साथ दोनों संस्थाओं के अन्य पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे ।

कार्यक्रम का आरम्भ रूबी शोम के द्वारा सरस्वती वन्दना से किया गया । उसके बाद संस्था की महासचिव डॉ पूर्णिमा शर्मा ने कविता की कुछ पँक्तियों के साथ सभी आमन्त्रित कवियों का स्वागत किया । उसके बाद साहित्य मुग्धा दर्पण की अध्यक्ष श्रीमती रेखा अस्थाना जी ने सबका स्वागत करते हुए अपनी कविता के माध्यम से जीवन के आदर्शों के विषय में बात की । WOW India की Chairperson डॉ शारदा जैन ने सबका स्वागत करते हुए श्री चन्दन कुमार पाण्डेय की लिखी कविता “तीन पहर तो बीत गए” बहुत ही प्रभावात्मकता के साथ पढ़ी । सभी कवयित्रियों को सम्मानित किया गया और फिर विधिवत एक के बाद एक मन्त्रमुग्ध कर देने वाली कविताओं, गीतों, ग़ज़लों का दौर शुरू हुआ ।

सभा की अध्यक्ष डॉ रमा सिंह ने शब्द की चोटों से घायल हुए हैं हम कविता सुनाई, हर युग मे अग्नि परीक्षा नारी ने ही दी के माध्यम से नारी की स्थिति पर बात की और प्यार जताया लूट लिया रचना श्रद्धा जैसी बच्चियों को समर्पित की । बाबू जी की याद में आँखें नम करती उनकी ग़ज़ल और आज के वातावरण में टूटते परिवारों की त्रासदी पर भी प्रकाश डाला । मुख्य अतिथि डॉ नीलम वर्मा ने “कविता कविता न होती” के माध्यम से प्राचीन काल के संस्कृत कवियों से लेकर आधुनिक काल के हिन्दी कवियों तक के साहित्यिक योगदान की चर्चा की तो अपनी पुस्तक “अन्तरंगिनी” से कुछ हाइकु, कुछ एकल हाइकु प्रस्तुत किये और साथ ही एक अत्यन्त आकर्षक रचना प्रस्तुत की कि यदि महाभारत युद्ध के बाद राधा कृष्ण से मिलतीं तो क्या प्रश्न पूछतीं । विशिष्ट अतिथि डॉ मन्जु गुप्ता ने घास के मनोभावों का बड़ा भावनात्मक चित्र प्रस्तुत किया तो साथ ही अपने नाती अभ्युदय की पापड़ सी कुरकुरी हँसी के माध्यम से उसके बचपन का मोहक चित्र उकेरा । उषा श्रीवास्तव ने बड़े सुरीले अंदाज़ में ग़ज़ल पेश की “जहां की बेड़ियों को तोड़कर पायल हुए हैं हम, पिए हैं अश़्क इतने रात भर, काजल हुए हैं हम” । पूजा श्रीवास्तव की “लज़्ज़त-ए-ग़म” और रूबी शोम के गीत ने भी ख़ूब वाहवाही बटोरी । अनुभा पाण्डेय ने “कितनी मनुहार करवाया करती थी” के माध्यम से नारी की जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला तो डॉ रश्मि चौबे ने “कुछ बात नहीं” के माध्यम से छोटी छोटी बातों पर खुशा रहने की बात की । रूबी शोम की ग़ज़ल “अभी तो मैं एक जलता दिया हूँ, रोशन करूँगा मन्दिर शिवालय” सबको बहुत पसन्द आई । राजरानी भल्ला ने एक ओर जहाँ यू ट्यूब में देखकर किसानी का गुर बताया तो वहीं दूसरी ओर श्रद्धा काण्ड जैसी घटनाओं पर बड़ी सच्चाई से अपनी बात रखते हुए लड़कियों को माता पिता की बात मानने की सलाह भी दी । डॉ पूर्णिमा शर्मा ने जीवन मरण की निरन्तर चलती रहने वाली प्रक्रिया को निर्माण और संहार की सतत प्रक्रिया बताते हुए “जीवन की रामकहानी” प्रस्तुत की । डॉ प्रिया कपूर और मीना कुंडलिया की कविताएँ भी सराहनीय रहीं ।

जीवन के सत्य का यथार्थ चित्रण करता कार्यक्रम की संचालिका और WOW India की सांस्कृतिक सचिव श्रीमती लीना जैन का मुक्तक “मिलेंगी मंज़िलें तो साथ बैरी भी होगा” सभी को बहुत पसन्द आया । कार्यक्रम के अन्त में WOW India की उपाध्यक्ष श्रीमती बानू बंसल जी ने सभी आमन्त्रित कवयित्रियों और श्रोताओं को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया ।

LEAVE A REPLY