युवा कवि एवं साहित्यकार ओम प्रकाश शुक्ल के काव्य संग्रह “गांधी और उनके बाद “का भव्य पुस्तक विमोचन

0
206
26733699_1010446172447667_4532538942759047448_n (1)
संजय कुमार गिरि ,नई दिल्ली ,के विश्व पुस्तक मेले के 26 वे संस्करण में पुस्तक मेले लेखक मंच, हाल न. 12 में ऋत फाउंडेशन एवं युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में चार पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ | जिनमे डा.पवन विजय द्वारा रचित् पुस्तक बोलो गंगा पुत्र (उपन्यास ), सुरेशपाल वर्मा जसाला द्वारा , अंगार और फुहार(काव्य संग्रह ) , युवा कवि एवं साहित्यकार ओम प्रकाश शुक्ल द्वारा लिखा काव्य संग्रह ‘गांधी और उनके बाद’ एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामकिशोर उपाध्याय द्वारा उनके काव्य संग्रह ‘दीवार में आले’ एवं अंत में साहित्यकार श्याम स्नेही का स्वास्थ्य कलेंडर का भव्य लोकार्पण हुआ|
मंचासीन अतिथि श्री अरविन्द कुमार सिंह (सलाहकार सम्पादक /राज्य सभा टीवी), श्री रविन्द्र कुमार (इतिहासकार एवं नि.कुलपति), श्री अजित दूबे (सदस्य साहित्यिक अकादमी), श्री संजीव वर्मा सलिल (वरिष्ठ साहित्यकार जबलपुर), डा.प्रशांत त्रिपाठी ,विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र ,कानपुर विश्वविद्यालय , डॉ. एस. सी. गोयल (पूर्व सचिव रेडक्रास सोसायटी), योगी अरुण तिवारी (विश्व प्रसिद्ध योगाचार्य), गिरीश पंकज ,वरिष्ठ साहित्यकार ,छत्तीसगढ़ जी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ | इस अवसर पर ट्रू मीडिया के संपादक श्री ओमप्रकाश प्रजापति (भारत गौरव अवार्ड से सम्मानित) ने श्री संजीव वर्मा सलिल को शौल,पुष्पहार एवं ”ट्रू मीडिया गौरव सम्मान” से सम्मानित किया | श्री त्रिभवन कौल, श्री ओमप्रकाश शुक्ल, डा, किरण मिश्र ,डा पुष्पा जोशी, डा पवन विजय, डा किरण, श्री ए.एस ख़ान, श्री जगदीश मीणा,श्री प्रशांत विजय, श्री अकेला इलाहाबादी, श्वेताभ पाठक जी, मनोज कामदेव शर्मा ,सुनीता शानू ,वसुधा कनुप्रिया जी, यास्मीन ख़ान जी (मेरठ), मिलन सिंह जी, शारदा मदरा जी, अर्चना शर्मा , संजय कुमार गिरि जी, मंजु वशिष्ठ जी, निर्देश शर्मा जी पाबले वाले ,अभिषेक झा सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे | श्री अजित दूबे (सदस्य साहित्यिक अकादमी) सहित सभी उपस्थित अतिथिगणों ने उपन्यास एवं सभी काव्य संग्रहों पर अपने विचार व्यक्त कर लेखक एवं कवियों को बधाई तथा शुभकामना प्रदान की | डा रविन्द्र कुमार ,इतिहासकार एवं पूर्व कुलपति इं.गां.मुक्त विश्व विद्यालय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में इतिहास को आध्यात्म से जोड़ने की परंपरा है ,जबकि इतिहास शिक्षा लेने का माध्यम है | हमें ऐतिहासिक पात्रों के स्थान निर्धारित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए | श्री अरविन्द कुमार सिंह (सलाहकार सम्पादक /राज्य सभा टीवी) ने डा.पवन विजय को बधाई देते हुए कहा कि इतिहास में अनेक पात्र और घटनायें है जिनका पुनर्लेखन नई पीढ़ी को करना चाहिए | श्री संजीव वर्मा सलिल ने सभी पुस्तकों पर अपने विचार रखे और कहा कि गांधी सर्वाधिक प्रासंगिक है | श्री गिरीश पंकज ,डा.प्रशांत त्रिपाठी ,डा.योगी अरुण तिवारी ,डॉ एस सी गोयल (पूर्व सचिव रेडक्रास सोसायटी) ने अपनी शुभकामनायें दी | इस अवसर पर राज्याश्रय एवं साहित्यकार विषय पर परिचर्चा हुई जिसमे बीज वक्तव्य श्री रामकिशोर उपाध्याय ने दिया और वक्ता के रूप में श्री त्रिभवन कौल एवं डा.पुष्पा जोशी ने भाग लिया | कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामकिशोर उपाध्याय ,IRAS (अध्यक्ष /युवा उत्कर्ष साहित्यक मंच ,दिल्ली ) ने किया एवं मंच संचालन श्री सुरेशपाल वर्मा ने खुबसूरत अंदाज में किया तथा सभी अतिथियों का सम्मान शौल एवं पुष्पहार से किया |

LEAVE A REPLY