परीक्षा के अच्छे अंक लाना कला है- जे पी पाण्डेय

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जैसे जैसे बोर्ड की परीक्षा नजदीक आती जा रही है | वैसे-वैसे विद्यार्थीयों पर तनाव के बादल गहराते जाते है | यह तनाव अवसाद का रूप नही लेना चाहिए | सकरात्मक सोच रखते हुए किसी तरह अच्छे अंक प्राप्त जा सकते है, यह जानना अत्यन्त आवश्यक है | यद्यपि बोर्ड की परीक्षा के पहले विद्यार्थीगण बहुत सारी परीक्षायें दे चुके होते है, किन्तु बोर्ड परीक्षा का दबाव अलग ही होता है | सर्वप्रथम विद्यार्थियों को यह जानना आवश्यक है कि परीक्षा में अच्छे अंक लाना एक कला है | बहुत बार यह देखा गया है कि मेधावी छात्र भी अच्छे अंकfoto jp pandey, principal oakgrove नहीं ला पाते है, जबकि सामान्य विद्यार्थी भी कतिपय बातों का ध्यान रखकर अच्छे अंक प्राप्त कर लेता है, इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है | अब जबकि बोर्ड की परीक्षा सिर पर है, विद्यार्थियों को पूरे सैलेबस को एक बार ध्यान से दोहराने की आवश्कता है | प्रत्येक विद्यार्थी को कुछ विषय प्रिय होते है | इसी तरह किसी विषय में भी कुछ अध्याय प्रिय होते है, विद्यार्थी उनमें अच्छा भी होता है | परिक्षा के समय उन विषयों को ध्यान से पढने की ज़रूरत है | क्योंकि अक्सर विद्यार्थी इस खुशफहमी में कि अमुक विषय तो बहुत आसान है या अमुक अध्याय तो मुझे बिल्कुल अच्छी तरह से याद है, उस पर ध्यान नहीं देते, और परिक्षा में धोखा खा जाते हैं | ध्यान रहे कि आप जिन चीजों में अच्छे हैं, उस विषय या अध्याय में अंक खोने की गलती नहीं कर सकते हैं | यदि कोई चैप्टर या टापिक अभी तक बिलकुल न पढ़ा गया हो | ऐसे में उसको भी ध्यानपूर्वक पढ़ना आवश्यक है | किसी भी विद्यार्थी को किसी प्रश्न को बिलकुल छोड़ने की भूल नही करनी चाहिए | एक प्रश्न छोड़ने से आप पूरे अंको से वंचित रह जाते है, जबकि उसे थोड़ा- बहुत लिखने पर भी आपको कुछ अंक अवश्य मिल जायेंगे| गणित और विज्ञान विषय के गणितीय सवालों को छोड़कर यह बात प्रत्येक विषय पर लागू होती है | परीक्षा के समय छात्रों को स्व–अध्याय पर विशेष ध्यान देना चाहिए | ज्यादा कोचिंग या क्लासेस के चक्कर में स्व – अध्याय का समय नही मिल पाता है | रिवीजन के अभाव में कई बार छात्र परीक्षा में अच्छा नही कर पाते है | इस समय एक टाइम-टेबल बनाकर प्रत्येक दिन प्रत्येक विषय को समय दिया जाना चाहिए | ऐसा न हो कि एक विषय में पुर्णता हासिल करने के चक्कर में कोई विषय छूट ही न जाए | विद्यार्थियों को पिछले पांच वर्षो के प्रश्न-पत्रों को अवश्य हल करना चाहिए, क्योंकि अधिकतर प्रश्न इसी में आ जाते है | प्रत्येक छात्र को अपनी लिखने की गति को जानना चाहिए | इसके लिए आप दस मिनट तक किसी सवाल का जवाब लिखकर शब्दों की संख्या को गिन ले | इस प्रकार आपकी लेखन गति शब्द प्रति मिनट का आकलन हो जायेगा | जिस प्रश्न को जितने शब्दों में लिखने को कहा जाए, उसे उतने शब्दों में ही लिखना चाहिए | 10% से अधिक या कम शब्द किसी भी परिस्थिति में नही लिखना चाहिए | कम शब्द लिखने में उसी प्रश्न में कम अंक और अधिक शब्दों में लिखने पर अन्य प्रश्न के लिए कम समय मिलेगा, जो ठीक नही है | विगत वर्षो के बोर्ड के प्रश्न-पत्र के सम्यक अध्ययन के आधार पर छात्रों को प्रत्येक प्रश्न पर दिए जाने वाले समय को पहले से ही निर्धारित कर लेना चाहिए | इस तरह की मानसिक तैयारी से विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में सहज महसूस करेंगे | याद रहे कि निर्धारित समय सीमा में ही आपको अपना हुनर दिखाना होगा, इसलिए समय का सही बंटवारा और उपयोग ही आपको अच्छे अंक दिला सकता है | विद्यार्थियों को परीक्षा के दिनों में भी कुछ समय खेलकूद की गतिविधियों के लिए अवश्य निकलना चाहिए | इससे स्वस्थ मनोरंजन के साथ साथ शरीर भी स्वस्थ रहता है | तनाव को कम रखने के लिए भी यह अत्यन्त आवश्यक है | इसके साथ ही भरपूर चिन्तारहित नींद अवश्य लेना चाहिए | खान-पान एवं स्वास्थ्य का अवश्य ध्यान दे | परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए स्वस्थ रहना अत्यन्त आवश्यक है | स्वयं पर विश्वास बनाये रखें | आपने पुरे वर्ष पढ़ाई की है, इस बात को याद रखे | आत्मविश्वास तनाव कम करने में सहायक होता है | परीक्षा में प्रश्न आपकी जान–पहचान के ही आने वाले है, इसलिए चिन्ता करके की कोई बात नहीं हैं | इस प्रकार यदि उपरोक्त बातो का ध्यान दिया जाए तो कोई कारण नही कि बोर्ड की परीक्षा में छात्र सर्वश्रेठ प्रदर्शन न करे | ध्यान रहे कि तनाव के दिनों में हमारा प्रदर्शन सबसे खराब होता है | अतः तनावमुक्त होकर सकारात्मक सोच बनाये रखें, सफलता अवश्य प्राप्त होगी |

जे पी पाण्डेय

आई आर पी अस

प्रिंसिपल ओकग्रोव स्कूल, झरीपानी

मसूरी, उत्तरांचल

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