स्वामी विवेकानंद जी की 159 वी जयंती मनायी

0
41

WhatsApp Image 2022-01-12 at 2.12.19 PM

दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के बलबीर नगर विस्तार स्थित श्री गोवर्धन विद्या निकेतन विद्यालय में स्वामी विवेकानंद जी की 159 वी जयंती मनायी। कोरोना काल में सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए श्री ओमप्रकाश प्रजापति ( संपादक एवं संस्थापक – ट्रू मीडिया ), प्रबंधक विष्णु दत्त शर्मा, सह-सम्पादक योगेश कौशिक, राजेश वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर श्री ओमप्रकाश ने कहा स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी सन्‌ 1863 को हुआ। उनका घर का नाम नरेंद्र दत्त था। उनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वे अपने पुत्र नरेंद्र को भी अंगरेजी पढ़ाकर पाश्चात्य सभ्यता के ढंग पर ही चलाना चाहते थे। नरेंद्र की बुद्धि बचपन से बड़ी तीव्र थी और परमात्मा को पाने की लालसा भी प्रबल थी। इस हेतु वे पहले ब्रह्म समाज में गए किंतु वहाँ उनके चित्त को संतोष नहीं हुआ। उन्होंने गहन अध्ययन किया और आध्यात्म का प्रचार हेतु विदेश यात्रा की। प्रबन्धक विष्णु दत्त शर्मा ने बताया धर्म संसद 1893 में भारत का प्रतिनिधित्व करने, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए प्रस्थान किया। विवेकानन्द ने संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप में हिंदू दर्शन के सिद्धान्तों का प्रसार किया और कई सार्वजनिक और निजी व्याख्यानों का आयोजन किया। अध्यात्म-विद्या और भारतीय दर्शन के बिना विश्व अनाथ हो जाएगा, यह स्वामी विवेकानंद जी का दृढ़ विश्वास था। अमेरिका में उन्होंने रामकृष्ण मिशन की अनेक शाखाएं स्थापित कीं। अनेक अमेरिकन विद्वानों ने उनका शिष्यत्व ग्रहण किया। वे सदा अपने को गरीबों का सेवक कहते थे। भारत के गौरव को देश-देशांतरों में उज्ज्वल करने का उन्होंने सदा प्रयत्न किया। 4 जुलाई सन्‌ 1902 को उन्होंने देह त्याग किया।
भारत में विवेकानन्द को एक देशभक्त सन्यासी के रूप में माना जाता है और उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

LEAVE A REPLY