विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व संग्रहालय को नया रूप दिया जायेगा

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उज्जैन 24 जुलाई। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में विक्रम विश्वविद्यालय के शलाका दीर्घा में विश्वविद्यालय में नवीन पाठ्यक्रम, स्टार्टअप योजनाएं एवं उनके क्रियान्वयन सम्बन्धी परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.यादव ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व संग्रहालय को नया रूप दिया जायेगा। विद्यार्थियों को रोजगार और कौशल विकास के नवीन पाठ्यक्रमों से नये अवसर प्राप्त होंगे। विक्रम विश्वविद्यालय में कम्प्यूटर विज्ञान, एग्रीकल्चर, डेयरी, पैरामेडिकल, पुलिस साइंस आदि विषयों के जुड़ने से विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान दौर में विश्वविद्यालयों की विषयगत बाधाओं को तोड़ने की आवश्यकता है। वर्तमान दौर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई राह निकालने के लिए विश्वविद्यालयों को आगे आना होगा। उज्जयिनी विद्या, संस्कृति, काल और विज्ञान की नगरी है। इसकी महत्ता को ध्यान में रखते हुए नवाचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही विक्रम कीर्ति मंदिर विक्रम विश्वविद्यालय से जुड़ जाएगा। उज्जैन की जैसी कीर्ति रही है, उसे देश-विदेश के पर्यटक पुनर्जीवित होता हुआ देखेंगे। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खुले यह जरूरी है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करते हुए हम आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ेंगे। उज्जैन में बड़े, मध्यम और लघु उद्योगों के विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महाकाल मंदिर परिसर के विकास से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण योजना पर कार्य चल रहा है। उज्जैन-देवास फोरलेन तैयार हो रहा है, जिससे इस नगर को अनेक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण में हैदराबाद से लेकर उत्तर में देहरादून तक और पश्चिम में द्वारका और अहमदाबाद से लेकर कोलकाता एवं पूर्वोत्तर भारत तक संपूर्ण देश उज्जैन से जुड़ जाएगा। उज्जैन में साइंस सेंटर की शुरुआत होने जा रही है। इसके लिए 10 करोड़ रुपए की स्वीकृति करवाई गई है। क्रिप्स के सहयोग से विभिन्न ट्रेनिंग सेंटर विकसित होने से उज्जैन एवं आसपास के लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा इंक्यूबेशन सेंटर के साथ जुड़कर युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा अनेक रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा स्टार्टअप के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। कार्यक्रम में शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह अर्पित कर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव का सम्मान कुलपति प्रोफेसर पांडे एवं कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक ने किया।

आयोजन में विक्रम विश्वविद्यालय एवं रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलपति प्रो.रामराजेश मिश्र, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.पीके वर्मा, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ.आरसी जाटवा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में क्रिस्प भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश शर्मा ने इंक्यूबेशन सेंटर एवं स्टार्टअप योजनाएं और उनका क्रियान्वयन विषय पर प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से नए उद्यमियों को अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन के माध्यम से तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधन सहयोग दिया जाता है। नए उद्यमी को मार्केटिंग, पेटेंट और योजना निर्माण के लिए पर्याप्त सहायता दी जाती है। स्टार्टअप इवेंट्स, मीडिया मैनेजमेंट एवं फाइनेंशियल प्लैनिंग जैसे कार्य भी इनक्यूबेशन सेंटर के मदद से करवाए जाते हैं। विक्रम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ.उमेश कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा प्रारंभ की गई महत्त्वपूर्ण स्टार्टअप योजनाओं का परिचय दिया। नागपुर के लेखक श्री अजय देशपांडे ने भारतीय कला एवं संस्कृति पर केंद्रित दो महत्वपूर्ण ग्रंथ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.यादव को भेंट किये।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलगान से की गई। अतिथियों ने वाग्देवी का पूजन किया। कार्यक्रम में कार्यपरिषद सदस्य एडवोकेट सुश्री ममता बैंडवाल, एडवोकेट संजय नाहर सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, संकायाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो.शैलेंद्र कुमार शर्मा ने किया।

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